ऐसा नहीं है बाहर से आने वाले नेता हमारे यहां विचलित होते हैं। खासकर कांग्रेसियों को लगता है कि वहां तो सब कुछ उनके हाथ में था, लेकिन हमारे यहां तो सब कुछ पार्टी के हाथ में होता है। हमारे यहां लीडर की अपनी ताकत है, कार्यकर्ता की अपनी और जनता की अपनी।
3- जनता कैसे विश्वास करे कि भाजपा सरकार ने बहुत किया है
ग्रुप डी ही नहीं भाजपा शासन काल में हुई सभी भर्तियां इस बात का उदाहरण हैं कि हमारी सरकार पारदर्शी सरकार है। अंत्योदय की भावना को मानते हुए अंतिम व्यक्ति के उदय के सिद्धांत पर काम करती है। पारदर्शी सिस्टम बनाने के लिए इच्छा शक्ति चाहिए होती है, जो कि तब आती है जब आप खुद अनुशासन में रहना सीखो। पारदर्शी शासन करना सबके बस की बात नहीं है।
4- इन साढ़े चार साल में जो किया सो किया अब आगे क्या है
समाज का वह वर्ग जो सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाता है। हमने ऐसे वर्ग का डाटा बनाना शुरू कर दिया है। जिसके तहत परिवार के एक एक व्यक्ति का डाटा हमारे पास होगा और उन्हें सरकार के पास आने की जरूरत नहीं होगी। हम सिस्टम ऐसा बनाएंगे कि सरकार खुद उनके पास जाएगी और उनका हक उन तक पहुंचाएगी। जिसके लिए हमने फैमिली आईडी बनाने का काम शुरू कर दिया है।
अगर हम वर्तमान चुनाव की बात करेंगे तो यह अतिशयोक्ति नहीं है। जींद उपचुनाव में सभी दलों ने शोर मचाया, लेकिन नतीजा क्या निकला। ऐसे ही पांच नगर निगम चुनाव में कांग्रेस चिल्लाती रही, लेकिन जीत का सेहरा भाजपा के सिर पर बंधा। कांग्रेस अपनी अंदर की लड़ाई में उलझी हुई है। हरियाणा में संगठन तक नहीं है, ऐसे में भाजपा से मुकाबले की बात कहां से सोचेंगे।
6- सवाल जरा हट के है आप इतनी व्यस्तता में खुद को तरोताजा कैसे रखते हैं
मैं विशेष कुछ नहीं करता हूं। रात 12 बजे सोता हूं और सुबह छह से साढ़े छह बजे तक उठ जाता हूं। छह घंटे की नींद पूरी लेता हूं, जिससे दोपहर में नींद न आए। यही एक आदत है जो मुझे मुस्तैद रखती है, क्योंकि समय कम है और काम ज्यादा करना है।
7- आप अपने राजनीतिक मंचों से राष्ट्रवाद पर अधिक जोर दे रहे हो, ऐसा क्या है
विपक्ष की हरकतें देखने के बाद ऐसा करना पड़ रहा है। देश पर आक्रमण होता है और जब जवाबी कार्रवाई होती है तो हमसे लाशों का हिसाब पूछते हैं। विपक्ष जनता के बीच में भ्रम फैलाता है, इसलिए जवाब देना जरूरी होता है। बालाकोट में हमने स्ट्राइक की तो पूछते हैं कि कितने मरे। बम ठिकाने पर गिरा भी कि नहीं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
यहां पर बात लाभ या हानि की नहीं है, इनेलो का वोटर बंटेगा तो किसी एक जगह नहीं बंटेगा। इसलिए इसको नफा नुकसान से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। वोट बंटता है तो सभी दलों को जाता है। हम अपने काम के बलबूते पर वोट मांग रहे हैं, इस उम्मीद पर चुनाव नहीं लड़ रहे कि फलां पार्टी में विघटन हो गया तो फायदा हमें मिल जाए।
9- पिछले चुनाव में भाजपा वाड्रा के पीछे हाथ धोकर पड़ी थी, इस चुनाव में मुद्दा गायब है
पिछले चुनाव के बाद वाड्रा और उनसे संबंधित व्यक्तियों की कमियां दर्ज हो चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई, हाईकोर्ट से लेकर विजिलेंस तक जांच चल रही है। सरकारों का काम सजा देना नहीं है, सजा देने का काम एजेंसियों का है। अब अगर कुछ नया होता है तो हम उसे भी जांच एजेंसियों को सौंप देंगे। हां, अगर उनके पास हमारे खिलाफ कुछ हो तो बताएं।
10- सरकार बनी थी तो कार्यकर्ता कहते थे कि ब्यूरोक्रेसी हावी है बात नहीं सुनती, अब क्या स्थिति है
ब्यूरोक्रेट ने हमारी बात नहीं मानी हो ऐसा कभी नहीं हुआ। हमने कभी ब्यूरोक्रेसी के मत्थे कुछ मढ़ा हो ऐसा भी नहीं हुआ। हमारा काम है पॉलिसी बनाना और उसे ब्यूरोक्रेट से लागू करवाना। हमने बहुत पॉलिसी चेंज की और अधिकारियों ने हमारे कहे मुताबिक उनका अनुपालन किया, इसमें न करने वाली कोई बात नहीं है, जो नाकारा अफसर हैं, उन्हें हमने सिस्टम से दूर रखा है।
11- हरियाणा में भाजपा सरकार कितना विदेशी निवेश ला पाई है
उत्तर: हमारी स्टेट ईज आफ डूईंग बिजनेस में चौदहवें स्थान पर थी जो कि अब तीसरे पायदान पर है। सिर्फ फिगर बढ़ाने के लिए हम अपने राज्य का नुकसान कर निवेश लाएंगे ऐसा भी नहीं है। निवेशक चाहते हैं कि उन्हें सब कुछ मुफ्त में मिल जाए। हम यह चाह रहे हैं कि इंडस्ट्री लगे तो हरियाणा के लोगों को अधिक रोजगार मिले। इस दिशा में काम चल रहा है। हम जल्द ही पॉलिसी बनाकर लोगों के सामने लाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
12- पता चला है कि आपने अचानक हवाई यात्रा कम कर दी है
उत्तर: ऐसा इसलिए कि सड़क मार्ग से सफर करने में जनता से अधिक जुड़ाव होता है। कहीं भी गाड़ी रोक लो, लोगों से बातचीत कर लो और कई सारी सभाएं कर लो। हवाई यात्रा में समय नियत रहता है। उसके हिसाब से चलना पड़ता है। पिछले दिनों रोहतक गया तो वहां के लोगों के बीच ज्यादा समय दे पाया। मैं अपने गांव के लोगों के बीच भी रुका उनकी कुशलक्षेम पूछी।