पंजाब में कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में युवा चेहरों पर दांव खेल सकती है। इस बार टिकट की दौड़ में कई युवा शामिल हैं। पार्टी हाईकमान भी नए चेहरों को लाने पर विचार कर रहा है। इस बार कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं के बेटे भी टिकट की दौड़ में हैं। अंबिका सोनी अपनी आनंदपुर सीट से अपने बेटे अनूप सोनी को टिकट दिलवाना चाहती हैं। वहीं, खेलमंत्री राणा गुरमीत सोढी फिरोजपुर संसदीय सीट से अपने बेटे हीरा सोढी के लिए टिकट मांग रहे हैं। शनिवार को सुनील जाखड़ और आशा कुमारी के साथ बैठक में यह मुद्दा उठा था कि बीसी वर्ग को भी एक टिकट दिया जाए। सोढी इसी वर्ग से हैं।
2014 में फरीदकोट से चुनाव लड़े जोगिंदर सिंह पंजगराईं अकाली दल में जा चुके हैं। ऐसे में जंडियाला गुरु से विधायक सुखविंद डैनी ने यहां से दावा ठोंक दिया है। डैनी 2009 में भी यहां से लड़े थे, पर हार गए थे। जालंधर में राणा गुरजीत सिंह के करीबी विधायक सुशील रिंकू ने टिकट को लेकर मजबूत दावा ठोंक दिया है। दोआबा के इस मजबूत गढ़ में कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने गुट का एक एससी चेहरा चाहिए। ऐसे में मौजूदा सांसद चौधरी संतोख को होशियारपुर जाना पड़ सकता है। हालांकि वहां से संतोष चौधरी भी दावेदार हैं। दो मौजूदा सांसदों अमृतसर से गुरजीत औजला और लुधियाना से रवनीत बिट्टू की टिकट पक्की मानी जा रही है।
हालांकि, पहले नवजोत सिद्धू को अमृतसर से लड़ाने और औजला को आनंदपुर साहिब भेजने पर विचार किया गया था। पर डॉ. नवजोत कौर की ओर से चंडीगढ़ से आवेदन दिए जाने के बाद वह स्थिति खत्म हो गई। गुरदासपुर से सुनील जाखड़ के सामने प्रताप बाजवा की चुनौती होगी। वहीं, विधायक रणदीप नाभा ने पटियाला सीट से दावा ठोंका है, यहां से परनीत कौर दावेदार हैं। संगरूर में विजय इंदर सिंगला और केवल ढिल्लों के बीच पेंच फंसा है। खडूर साहिब से पूर्व विधायक जसबीर सिंह डिंपा टिकट की उम्मीदें लगाए बैठे हैं। हलके के सामाजिक कार्यक्रमों में वह काफी समय से मुख्य अतिथि बन कर जा रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब से कैप्टन गुट कैबिनेट मंत्री चरनजीत चन्नी का नाम आगे बढ़ा सकती है।
आनंदपुर साहिब में ट्विस्ट
आनंदपुर साहिब से पिछली बार अंबिका सोनी हारी थीं, इस बार वह अपने बेटे के लिए टिकट मांग रही हैं। राणा गुरजीत सिंह भी यहां से लड़ने के मूड में हैं। लेकिन कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक इस सीट पर कैप्टन अमरिंदर के करीबी सिपहसालार कैप्टन संदीप संधू की भी नजरें हैं। प्रदेश महासचिव कैप्टन संदीप काफी समय से इसके लिए होमवर्क भी कर रहे हैं। इसके लिए स्पीकर राणा केपी सिंह की सिफारिश को नजरंदाज कर उन्होंने अपने करीबी बरिंदर ढिल्लों को रोपड़ जिला प्रधान बनवाया।
कैप्टन की अगली पीढ़ी हो सकती है लॉन्च
इस लोकसभा चुनाव में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगली पीढ़ी की सियासी लॉन्चिंग भी हो सकती है। कैप्टन की बेटी जय इंदर कौर के बेटे निर्वाण सिंह को बठिंडा से चुनाव लड़ाने पर गंभीरता से विचार हो रहा है। पिछले दिनों बठिंडा के महराज गांव में हुए कार्यक्रम में निर्वाण काफी सक्रिय दिखे। हालांकि एक परिवार, एक टिकट का फॉर्मूला इसमें आड़े आ सकता है।
राहुल की टीम ले रही फीडबैक
इस बार टिकट वितरण परंपरागत तरीके से नहीं होगा, बल्कि दो पैनल बनेंगे। कांग्रेस ने देशभर से यूथ कांग्रेस के कुछ लोगों को चुनकर दिल्ली में उनकी टीम बनाई है। जो सीधे ग्रासरूट लेवल पर वर्करों से फीडबैक ले रहे हैं कि कौन उम्मीदवार होना चाहिए। उस टीम के पास सारा डाटाबेस पहुंच चुका है। वे सीधे फोन कर या फेसबुक, ट्विटर, मोबाइल एप के जरिये फीडबैक ले रहे हैं। कांग्रेस मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में यह प्रयोग सफलतापूर्वक कर चुकी है। ये टीम अपने फीडबैक के मुताबिक दावेदारों का पैनल देगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अपने दावदारों का अलग पैनल देगी। दोनों पर विचार कर हाईकमान उम्मीदवार तय करेगा।