हरियाणा में हर चुनाव में नए साथी बनाने के लिए मशहूर बसपा के हाथी की चाल एक बार फिर बिगड़ गई है। लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश में बसपा और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के बीच गठबंधन हुआ है, लेकिन दोनों दलों के बीच तालमेल बैठ नहीं पा रहा। चर्चाएं तो ये भी सियासी गलियारों में फैल रही हैं कि बसपा चुनावी दंगल में उतरने से पहले ही एक बार फिर अपनी राह जुदा कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार लोसुपा और बसपा के रिश्ते सामान्य नहीं चल रहे। बसपा की तैयारी लोसुपा को झटका देने की चल रही है। बसपा नए गठबंधन आप और जजपा के साथ जा सकती है। जजपा भी अंदरखाने चाहती है कि लोकसभा चुनाव के लिए बसपा के साथ उसका गठबंधन हो। इसके लिए पहले से ही कोशिशें जारी हैं।
बसपा हरियाणा में अभी तक पहले कांग्रेस के साथ रही तो बाद में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) के साथ उसका गठबंधन हुआ। बाद में इनेलो का चश्मा भी मायावती के हाथी ने कई दिनों तक पहनकर रखा। चौटाला परिवार में आपसी कलह का तर्क देते हुए मायावती ने इनेलो का चश्मा उतार फेंका और भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी के थ्री व्हीलर में सवार हो गईं।
अब मायावती को लग रहा है कि लोसुपा के साथ उसका गठबंधन लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने की स्थिति में नहीं है। इसलिए ऐसे दल का साथ पकड़ा जाए जिससे कि पार्टी न केवल बेहतर प्रदर्शन करे बल्कि सीटें भी जीते। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि बसपा किसी भी समय लोसुपा से किनारा कर सकती है।