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चंडीगढ़ः अमर उजाला की चुनावी गेड़ी, लोग बोले-रोजगार पर कम खर्चा पर मोदी की जगह-जगह चर्चा

Sat, 30 Mar 2019 05:26 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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लोकसभा चुनाव 2019 - फोटो : अमर उजाला
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सत्ता संग्राम की चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। राजनीतिक दल लोगों के मन की टोह ले रहे हैं। वह घर-घर जा रहे हैं, रात्रि चौपाल कर रहे हैं। कहीं चाय की दुकान पर चर्चाओं से माहौल भांपा जा रहा है तो कहीं शादी-समारोह या पार्टियों में। जनता के रुझान को जानने के लिए अमर उजाला ने चंडीगढ़ से इलेक्शन गेड़ी शुरू की।

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इसके तहत केंद्र सरकार के कामकाज, स्थानीय सांसद, चंडीगढ़ के विकास समेत कई सवालों पर बातचीत की। मतदाताओं के दिलों की बात जानी। बात निकलकर सामने आई कि मोदी के देश हित में लिए गए निर्णयों को किसी हाल में नहीं भुलाया जा सकता। उनकी चर्चा हर जगह है। भले ही उन्होंने रोजगार के लिए सरकारी खजाने को लुटाने में कंजूसी की हो।

वहीं, राहुल गांधी भी बुजुर्ग नागरिकों की पसंद बने हुए हैं। आम आदमी पार्टी हो या फिर अन्य दलों के प्रत्याशी, उनके चेहरे भी जनता के जेहन में हैं। उन्हें भी जनता कम नहीं आंक रही है। चंडीगढ़ के वोटरों का कहना है कि वह किसे वोट देंगे यह तभी तय होगा जब देश के बाकी 60 फीसदी हिस्सों में वोट पड़ जाएंगे।

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बस यात्री साहब सिंह - फोटो : अमर उजाला
एक नजर में चंडीगढ़ लोकसभा
कुल वोटर : 619336
पुरुष मतदाता   : 400054
महिला मतदाता : 219282
नए मतदाता : 11000

पीजीआई के बस स्टैंड पर सीटीयू की बस वन सी की ओर 15 से 17 यात्री दौड़ पड़े। सभी को सीट का इंतजार था। किसी को मिली तो किसी को नहीं। एक-दो बुजुर्गों को सीट नहीं मिली तो वे खड़े हो गए। इसी दौरान सेक्टर 36 निवासी रामेश्वर प्रसाद से बोल पड़े, कुर्सी की ही हर जगह लड़ाई है लेकिन इस बार पीएम नरेंद्र मोदी को कुर्सी आसानी से नहीं मिलने वाली।

इसी के साथ अमर उजाला ने रामेश्वर प्रसाद से सवाल किया कि कुर्सी आसानी से क्यों नहीं मिलने वाली तो उन्होंने जवाब दिया बुजुर्गों को सीट तक नहीं मिल रही है। चाहे वह बस में हो या फिर लोकसभा चुनाव में। यह बात सुनकर गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज का छात्र अमरदीप उठ खड़ा हुआ। बोलने लगा, मोदी को मत कोसिए, बस हो या ट्रेन, हर जगह सीनियर सिटीजन के लिए सीटें आरक्षित हैं।

बस यात्री चरणजीत - फोटो : अमर उजाला
अपने हक के लिए आगे तो बढ़िए। इस बात का समर्थन उसी कॉलेज के छात्र रोहित व विक्रम ने किया। उसके बाद तो बस में बहस शुरू हो गई। बुजुर्ग राहुल की प्रशंसा करने लगे तो युवा मोदी की। इस बीच पंचकूला निवासी उर्मिला बोलीं, इस सरकार के आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ी है।

इसलिए महिलाएं मोदी को नहीं नकार सकतीं। चंडीगढ़ से चाहे टिकट मोदी किसी को दें, लेकिन वह भाजपा के साथ हैं। मनीमाजरा जा रहीं रानी ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- महंगाई कम नहीं हुई। रसोई का खर्च तो बढ़ गया। बोलीं, सरकारें जो भी आईं महंगाई साथ लेकर आती हैं। इसका विकल्प तलाशना होगा।

बस मनीमाजरा बस स्टैंड पहुंची तो जाम लग गया। मनीमाजरा निवासी मातादीन बस में चढ़े। उन्होंने कहा, यहां तो जाम आम है। दिन भर लोग धूल और धुआं फांकते हैं। बाजार का अतिक्रमण कोई नेता नहीं हटवा पाया। अफसरों ने कोशिश की तो उनके पीछे नेता लग गए। कांग्रेस के राज में कुछ तो राहत मिली थी। अब तो भगवान ही मालिक है। 

यह बात सुनकर अंबाला के रोहिताश गर्म हो गए। बोले, मोदी ने बहुत स्ट्राइक कीं, लेकिन सरकारी मशीनरी को ठीक नहीं कर पाए। सामने बैठे सेक्टर 31 के बुजुर्ग को बात चुभ गई। बोले, सरकारी लोगों को गाली न दें, पहले यह देखें कि काम किस कारण अटका हुआ है। रास्ता सॉर्टकट आप निकाल रहे होंगे इसलिए काम नहीं हो पाया होगा। खींचतान शुरू हो गई। 

बस यात्री आरपी शारदा - फोटो : अमर उजाला
बात मोदी बनाम राहुल पर पहुंच गई। दोनों को बमुश्किल यात्रियों ने शांत कराया। इस बहस के दौरान बस सेक्टर 17 बस स्टैंड के पास पहुंच चुकी थी। यहां सेक्टर 10 निवासी राजकुमार सीट पर बैठे। लोगों की बातें सुनीं तो बोले, देशहित में जो बेहतर निर्णय लेगा, देश सुरक्षा करेगा वही चौकीदार बनेगा। उसी के फेस पर वोट पड़ेंगे। 

स्थानीय नेता चाहे बाहरी हो या फिर यहां के। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। चंडीगढ़ में सरकारी कार्यालयों में सभी चीजें ऑनलाइन हो गई हैं। इससे भ्रष्टाचार पर प्रहार हुआ है। बातों ही बातों में बस 2.13 बजे पीजीआई बस स्टैंड पहुंच गई। उतरते हुए पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र हेमंत शर्मा, राजबीर मातादीन से बोले, ये राजनीति है, इसे कोई नहीं समझ पाया लेकिन जो हमें आपको चाहिए वह सरकार को देना होगा। हर हाथ को आज काम चाहिए। बातों से पेट नहीं भरने वाला।

बातचीत से निकले ये स्थानीय मुद्दे
- डंपिंग ग्राउंड की समुचित व्यवस्था न किया जाना
- रोजगार की व्यवस्था
- यातायात व्यवस्था सुचारु न होना
- खोती हुई सिटी ब्यूटीफुल की पहचान
- पार्किंग की समस्या
- अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की भीड़

इलेक्शन गेड़ी रूट : पीजीआई टू पीजीआई
- ओपीडी, 11, 10, 9, 8, 7 की मार्केट, एसजीजीएस कॉलेज, सेक्टर 26-28, आर क्रॉसिंग, एम कॉम्प्लेक्स, मनीमाजरा टाउन, एचबी चौक, रेलवे स्टेशन, सेक्टर 28 मार्केट, 27, 19, 18, 15 व  16 सेक्टर मार्केट से पीजीआई।

क्या कहते हैं यात्री
चंडीगढ़ में विकास अधिक नहीं हुआ है। महंगाई दर यहां लगातार बढ़ी हैं। मोनो रेल का सपना यहां धड़ाम हो गया। पेरीफेरी की समस्या भी कम नहीं हुई। चुनाव में इन मुद्दों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। -आरपी शारदा, पंचकूला

बिना घूस के काम नहीं होता
चंडीगढ़ स्टेट ऑफिस में काम करवाने के लिए पसीने छूट जाते हैं। गरीबों के लिए काम करवाना आसान नहीं। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। गरीबों का दुख जो दूर करेगा उसे ही वोट देंगे। -साहब सिंह, सेक्टर 35 चंडीगढ़ 
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बाहरी न हों प्रत्याशी

बस यात्री कमलेश - फोटो : अमर उजाला
राजनीतिक दल बाहरी लोगों को प्रत्याशी न बनाएं। यह आसानी से जनता के लिए उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। जनता उनके पीछे-पीछे दौड़ती है लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो पाता। - कमलेश कुमार, सेक्टर 39 चंडीगढ़

रोजगार के रास्ते नहीं खुले
चंडीगढ़ में सड़कों का निर्माण हुआ। गरीब लोगों को आवास हाल ही में दिए गए लेकिन रोजगार के अवसर नहीं मिले। विद्यार्थी डिग्री लेकर नौकरियों के लिए दौड़ लगा रहे हैं। - चरनजीत, मनीमाजरा

एयर स्ट्राइक बड़ा निर्णय
चंडीगढ़ में बदलाव नहीं हुआ लेकिन देशहित में कई बड़े बदलाव हुए। देश की सुरक्षा के लिए एयर स्ट्राइक बड़ा निर्णय रहा। इसके अलावा स्टार्टअप के जरिए युवाओं के विचारों को पंख लगाए जा रहे हैं। - सागर, मौलीजागरां

भ्रष्टाचार हुआ खत्म
युवाओं के लिए नौकरियां भले ही कम निकली हों लेकिन शुरूआत हो गई है। मोदी के राज में भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। चुनाव में उतारे जाने वाले प्रत्याशी भी उनकी तरह ही काम कर रहे हैं। - संजीव कुमार, दड़ुवा
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