कांग्रेस ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा की परफारमेंस को देखते हुए अपनी खास रणनीति के तहत मुकाबले को कड़ा और रोचक बना दिया है। सोनीपत की सीट से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को भाजपा के सांसद रमेश कौशिक केसामने खड़ा कर दिया है। इसी तरह पिछली बार राज्यसभा में गई पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को इस बार फिर अंबाला में भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया के सामने बतौर लोकसभा प्रत्याशी उतार दिया है।
करनाल सीट से भाजपा के नए प्रत्याशी संजय भाटिया के सामने दो बार के विधायक व पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा पर दांव खेला गया है। जबकि कुरुक्षेत्र में भाजपा के अंबाला निवासी राज्यमंत्री नायब सैनी के सामने कांग्रेस ने अंबाला के ही निवासी चार बार के विधायक व पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को मुकाबले में उतारा है। बहरहाल भाजपा की फुलप्रूफ रणनीति को कांग्रेस ने भी अपने दिग्गज धुरंधरों के साथ इस बार कड़ी चुनौती दी है। अब देखना यह है कि जीटी बेल्ट पर भाजपा अपना जलवा कायम रख पाती है या कांग्रेस भाजपा के गढ़ में सेंधमारी कर पाती है।
इस बेल्ट पर कांग्रेस का रहा दबदबा
जीटी रोड बेल्ट के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो 1952 से लेकर अब तक अंबाला लोकसभा सीट पर कांग्रेस का 9 बार, जनसंघ-जनता पार्टी-भाजपा का 6 बार और बसपा का 1 बार सांसद जीता। कुरुक्षेत्र सीट पर भारतीय लोकदल-जनता पार्टी का 4 बार, कांग्रेस का 4 बार, इनेलो का 2 बार और हविपा का 1 बार सांसद जीता। करनाल सीट पर कांग्रेस का 11 बार, जनसंघ-जनता पार्टी-भाजपा का 5 बार सांसद जीता। सोनीपत से कांग्रेस का 3 बार, भारतीय लोकदल-जनता पार्टी (एस)-जनता दल का 3 बार, इनेलो का 1 बार, भाजपा ने 3 बार व आजाद 1 बार सांसद जीता।