पहली बार सुप्रीम कोर्ट से लेकर देश की हर छोटी बड़ी अदालत में एक ही दिन शनिवार को लोक अदालत का आयोजन होगा।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पूरे देश में कनेक्टिड हाईकोर्ट में इसका सुबह शुभारंभ करेंगे। चंडीगढ़ जिला अदालत में भी इस मेगा लोक अदालत को लेकर पूरी तैयारियां हो चुकी हैं।
कुल 21 बेंच इस लोक अदालत में लगाई जाएगी। विशेष रूप से इस दौरान मोटर एक्सीडेंट क्लेम केसों में सही मुआवजा दिलाने को लेकर पीड़ित का निरीक्षण करने के लिए डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी।
इसके अलावा अपने केसों के सिलसिले में आए लोगों के सहयोग के लिए एनजीओ और कोर्ट स्टाफ की मदद ली जाएगी। यहां सुविधा के लिए 4 हेल्प डेस्क भी बनाए जाएंगे।
यह लोक अदालत सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक लगेगी। इस दौरान रिटायर्ड जजों की भी मदद ली जाएगी।
स्टेट लीगल सर्विस अथारिटी के सदस्य सचिव व अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश लाल चंद ने बताया कि इस लोक अदालत का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों की शीघ्र एवं उचित न्याय दिलवाना है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जज एवं चंडीगढ़ सेशन डिवीजन के एडमिनिस्ट्रेटिव जज जस्टिस राजन गुप्ता मुख्य रूप से यहां पहुंचेंगे।
न्यायाधीश लाल चंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से देश की कई इंश्योरेंस कंपनी के साथ हुई बातचीत में वह इस विशेष लोक अदालत में एक्सीडेंट क्लेम केसों में 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक मुआवजा देने को राजी हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ जिला अदालत में इस समय सिविल व क्रिमिनल केसों का पैंडेंसी रेट काफी है। करीब 65 हजार केस इस समय अदालत में पैंडिंग हैं।