चौटाला ने कहा कि कुछ जिलों में महिला स्वयं सहायता समूहों ने मास्क व पीपीई किट बनाने में बेहतरीन कार्य किया है, इसलिए अधिकारी अस्पतालों व जिला प्रशासन की मांग के अनुरूप समूहों से अधिक से अधिक खरीद करें। कोई जिला परिषद अपने फंड से जिला प्रशासन को वेंटीलेटर या हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टेबलेट प्रदान करने का इच्छुक है तो मुख्यालय को सूचित कर सकता है, उनके प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
तय समय पर ही होंगे पंचायत चुनाव
दुष्यंत चौटाला ने इस बात के संकेत दिए हैं कि आने वाले पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर ही करवाए जाएंगे। उनके लिए अधिकारी अपनी तैयारियां शुरू कर लें। अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि आने वाले समय मे होने वाले पंचायत चुनावों को कोरोना से उपजे वित्तीय संकट के कारण आगे टाला जा सकता है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों की भेजें सूची
दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो-जो सरपंच, खंड समिति अध्यक्ष, सदस्य, जिला परिषद के अध्यक्ष व सदस्य इस संकट में लोगों को जागरूक करने, राशन व खाना प्रदान करने व सैनिटाइजर उपलब्ध करवाने के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, उनकी सूची हर सप्ताह मुख्यालय को भिजवाना सुनिश्चित करें। आने वाले समय में ऐसे जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा।
हरियाणा में उद्योगों व फैक्ट्रियों के संचालन के लिए सरल पोर्टल पर आए आवेदनों को पास जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सोमवार को 25 श्रमिकों तक की संख्या वाली फैक्ट्रियों के लिए 571 पास जारी किए गए। 26 से 200 कामगारों तक की संख्या वाले 42 उद्योगों ने 3447 पास के लिए आवेदन किया है।
200 से अधिक कामगारों की संख्या वाले 14 उद्योगों ने 5404 पास मांगे हैं। 19 अप्रैल के बाद 885 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 14 आवेदनों को स्वीकार कर 160 कर्मचारियों को कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है, जबकि 785 आवेदन विचाराधीन हैं। 19 अप्रैल से पहले 6429 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1548 आवेदनों को स्वीकृत किया गया था।
इनमें 11,785 कामगारों को कार्य पर लौटने की अनुमति प्रदान की गई। इनमें जिला फतेहाबाद के 42, पलवल के 34, सोनीपत के 535, गुरुग्राम के 208, पानीपत के 61, रेवाड़ी के 38, फरीदाबाद के 375, रोहतक के 17, हिसार के 24, झज्जर के 148, अंबाला के 9, भिवानी के 44, चरखी दादरी के 2 तथा महेन्द्रगढ़ के 11 आवेदन शामिल हैं।
इन-सिटू निर्माण परियोजनाओं के मामले में कुल मानव शक्ति के 50 प्रतिशत के साथ संचालन की अनुमति दी जाएगी। बहरहाल, पास जारी नहीं किए जाएंगे, जबकि गैर-इन सिटू परियोजना के मामले में कुल मानव शक्ति के 50 प्रतिशत के साथ संचालन की अनुमति दी जाएगी और श्रमिकों को नीले रंग के पास जारी किए जाएंगे।