अमृतसर में अब तक कुल 287 मामले सामने आए हैं, इनमें से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। जालंधर में 175 मामलों में से पांच मरीजों की मौत हो चुकी है। तरनतारन के 157 मामले सामने आए हैं। लुधियाना के 125 मामलों में से छह लोगों की मौत हुई है। गुरदासपुर के 116 में से एक मरीज की मौत हुई है।
एसबीएस नगर के 103 पुष्ट मामलों में से एक संक्रमित मरीज की मौत हुई है। पटियाला के 96 पुष्ट मामलों में से दो मरीजों की मौत हुई है। मोहाली के 95 मामलों में से तीन मरीजों की मौत हुई है। होशियारपुर के 90 मरीजों में से चार की मौत हुई है। संगरूर के कुल 88 मामलों में से 85 मामले सक्रिय हैं।
श्री मुक्तसर साहिब के 65 पुष्ट मामलों में से 64 सक्रिय हैं। मोगा के 56 मामलों में से 52 सक्रिय हैं। फरीदकोट के 45 मामलों में से 42 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। फिरोजपुर के 43 मामलों में से एक मरीज की मौत हुई है। बठिंडा के 40 कोरोना पॉजिटिव हैं। फाजिल्का के 39, पठानकोट के 29 मामलों में से एक संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है।
फतेहगढ़ साहिब के 28 पुष्ट मामलों में से 26 सक्रिय हैं। कपूरथला के 24 पुष्ट मामलों में से संक्रमित दो मरीजों की मौत हुई है। बरनाला के 21 पुष्ट मामलों में से एक संक्रमित की मौत हुई है। मानसा के बीस पुष्ट मामलों में से पंद्रह मामले सक्रिय हैं। रोपड़ के बीस पुष्ट मामले हैं, जबकि एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई है। अब तक कुल 1762 पुष्ट मामले रिपोर्ट हुए हैं। इनमें से 1574 सक्रिय मामले हैं। राज्य में संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा 31 तक आ पहुंचा है। इसके अलावा 157 मरीज ठीक होकर घर भी लौटे हैं।
जगरांव (लुधियाना)। श्री हजूर साहिब से लौटे गांव माणूके निवासी गुरजंट सिंह (56) की शनिवार सुबह सिविल अस्पताल लुधियाना में मौत हो गई। वह कोरोना संक्रमित थे। सिविल अस्पताल से शव लेने के लिए गांव के सरपंच सहित अन्य लोग पहुंचे। शनिवार बाद दोपहर बिना किसी भेदभाव के उनका गांव में ही अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही शव श्मशान घाट पहुंचा, गांव के सरपंच ने पीपीई किट डाले ही शव को चिता तक पहुंचाया। अंतिम अरदास भी सरपंच की तरफ से की गई।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले श्री हजूर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं में गुरजंट सिंह भी शामिल थे। सभी की मेडिकल जांच की गई थी। 30 अप्रैल को गुरजंट सिंह की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सिविल अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह लगभग सात बजे दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। इस खबर से गांव में मातम छा गया। शव को लेने के लिए गांव के सरपंच गुरमुख सिंह व परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे। तीन बजे शव मिलने के बाद गांव के शमशान घाट में नियमों के अनुसार गुरजंट का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर विधायक सर्वजीत कौर माणूके, तहसीलदार मनमोहन सिंह कौशिक, डॉ. अश्वनी कुमार, एसजीपीसी सदस्य भाई गुरचरण सिंह गरेवाल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
पिता ने कहा था, तीन चार दिन में लौट आऊंगा
मृतक गुरजंट सिंह मजदूरी करता था, उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। बेटी अमरजीत कौर ने बताया कि वह शुक्रवार को अपने पिता से मिलने के लिए सिविल अस्पताल गई थी। उन्होंने दूर से ही सिर्फ इतना कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं है, तीन चार दिन में वह घर लौट आएंगे। शनिवार को उनका परिवार घर पर था। पड़ोसियों ने यह सूचना दी कि उसके पिता का देहांत हो गया।
वहीं शनिवार को लुधियाना तीन नए संक्रमित मिले। सिविल सर्जन डॉ. राजेश बग्गा के अनुसार इनमें से दो आरपीएफ जवान हैं और दिल्ली के सराय रोहिल्ला से खाली ट्रेन में आए थे। वहीं तीसरी संक्रमित 17 साल की किशोरी टीबी से पीड़ित है।