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मौसम की तरह बदले स्थानीय नेता, मोदी सरकार के फैसले के साथ ही बदले सुर

Fri, 19 Aug 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
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अल्फोंस कन्नानथानम - फोटो : Amar ujala
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करीब 32 साल बाद चंडीगढ़ को केंद्र सरकार की ओर से प्रशासक की नियुक्ति का तोहफा मिला था। लेकिन चंद घंटों में ही केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार और अन्य राजनीतिक पार्टियों के दखल के बाद फैसले को पलट दिया। 
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बुधवार को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और बीजेपी नेता अल्फोंस कन्नानथानम को चंडीगढ़ का प्रशासक नियुक्त करने के फैसले पर शहर की सभी दलों के नेताओं ने खुशी जाहिर की थी। लेकिन एक दिन बाद ही केंद्र सरकार ने पंजाब के नए राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को यूटी का प्रशासक बनाने की चिट्ठी जारी कर दी। स्थानीय नेताओं ने पाला बदलते हुए इस फैसले का भी समर्थन करना शुरू कर दिया है। अमर उजाला ने इस मामले में कुछ नेताओं से बातचीत की। 
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चीफ कमिश्नर का पद बहाल हो: हरमोहन धवन

क‌िरण्‍ा ख्‍ाेर - फोटो : amar ujala
वीपी सिंह बदनौर को पंजाब का गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक लगना खुशी की बात है। बहुत ही अनुभवी व्यक्ति हैं। केंद्र सरकार का धन्यवाद। शहर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। - किरण खेर सांसद चंडीगढ़।

वीपी सिह बदनौर का चंडीगढ़ का प्रशासक बनना खुशी की बात है। सांसद और राजस्थान के मंत्री के रूप में जो उन्होंने काम किया है इससे चंडीगढ़ को बहुत लाभ होगा। - 
संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा चंडीगढ़।

लंबे अरसे से पंजाब राज्यपाल ही चंडीगढ़ के प्रशासक रहे हैं। वीपी सिह बदनौर अनुभवी और गतिशील व्यक्ति हैं। चंडीगढ़ के विकास में गति आएगी। - सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद, एडिशनल सॉलिसीटर जनरल एवं विधि आयोग के सदस्य

वीपी सिंह बदनौर का प्रशासक के रूप में स्वागत है। लेकिन यह सैद्धांतिक रूप से ठीक नहीं है। पंजाब के गवर्नर को चंडीगढ़ का प्रशासक आतंकवाद के दौरान उसे कंट्रोल करने के लिए लगाया गया था। अब आतंकवाद समाप्त हो चुका है। यह समझना चाहिए। - हरमोहन धवन, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता। 


 
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