पंजाब सरकार 126 शहरी स्थानीय निकायों का चुनाव अक्तूबर के दूसरे हफ्ते में करवाने के लिए चुनाव आयोग को सिफारिश भेजेगी। हालांकि इस बारे अंतिम फैसला प्रदेश में कोविड की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब म्युनिसिपल एक्ट की धाराओं के अनुसार, यह चुनाव सितंबर 2020 में होना चाहिए लेकिन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में यह महसूस किया गया कि इस बारे में अंतिम फैसला अगले कुछ हफ्तों में कोविड की स्थिति को देखने के बाद ही लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सितंबर महीने में कोरोना के चरम पर पहुंचने की आशंका है, इसलिए स्थानीय निकायों की चुनाव प्रक्रिया संबंधी चुनाव आयोग के समक्ष सिफारिश करने से पहले बेहतर होगा कि कोविड से उत्पन्न हालात की समीक्षा कर ली जाए। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बैठक में अगले महीने चुनाव करवाने की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया गया।
बैठक में यह भी विचार किया गया कि धान की फसल की खरीद और त्योहारों का मौसम अक्तूबर के मध्य में शुरू हो जाएगा, जिससे उस समय के दौरान चुनाव करवाना संभव नहीं होगा। सभी मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निकायों के चुनाव जल्द से जल्द करवाए जाएं।
स्थानीय निकायों संबंधी मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने मीटिंग में बताया कि उनका विभाग वार्डबंदी से संबंधित सारा काम इस महीने के अंत तक मुकम्मल कर लेगा। उन्होंने कहा कि विभाग चुनाव समय पर करवाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्रह्म मोहिन्द्रा ने बताया कि राज्य सरकार की नीति के अंतर्गत इस चुनाव में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।