चंडीगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद की लड़ाई अब दिल्ली तक पहुंच गई है। अपने पसंदीदा नेता को अध्यक्ष बनाने के लिए दिल्ली में लॉबिंग भी तेज हो गई है। साथ ही दबाव की राजनीति भी शुरू हो गई है। इस लड़ाई में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सांसद किरण खेर और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन गुट के नेता शामिल हैं।
अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए पर्दे के पीछे से अब नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, एक-दूसरे गुट को कमजोर करने के लिए पुराने विवादों को फिर से जिंदा किया जा रहा है। वर्ष 2018 में मेयर चुनाव को लेकर हुई बगावत को फिर दिल्ली हाईकमान के पास भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, आशा जसवाल के नामांकन पत्र की एक कॉपी भी दिल्ली भेजी गई है। इसमें खासतौर पर उनका जिक्र किया गया है, जिन्होंने आशा जसवाल को मेयर बनाने के लिए नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मकसद पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं की अध्यक्ष पद की दावेदारी को कमजोर करना बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में पार्टी प्रभारी प्रभात झा ने देवेश मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार घोषित किया था। 11 पार्षदों ने इस फैसले का विरोध किया था और आशा जसवाल ने पार्टी से बगावत कर मेयर पद के लिए नामांकन भर दिया था।
दिल्ली जाकर नेता बता रहे प्रदेश की राजनीति के हालात
जानकारी के अनुसार, बीते दिनों अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल कुछ नेताओं ने दिल्ली में चंडीगढ़ भाजपा प्रभारी प्रभात झा और ऑब्जर्वर पीयूष गोयल से मिलकर प्रदेश की राजनीति के हालात बताए हैं। साथ ही तमाम समीकरणों का हवाला देते हुए अपनी दावेदारी को मजबूत बताया है। इसके अलावा कई नेता ऐसे भी हैं, जो प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में शामिल नहीं होने के बावजूद भी दिल्ली जाकर वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी दावेदारी साबित कर रहे हैं।
मेयर चुनाव बाद ही होगा अध्यक्ष का एलान
भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कुल राज्यों के आधे से अधिक में सांगठनिक चुनाव संपन्न हो जाने चाहिएं। इसके बाद ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग पाएगी। हालांकि चंडीगढ़ समेत हरियाणा, हिमाचल व कई अन्य राज्य हैं, जहां अभी तक प्रदेश अध्यक्ष का चयन नहीं हो पाया है।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कई राज्यों में संगठन चुनाव में देरी हुई है, जिनमें से चंडीगढ़ भी एक है। चंडीगढ़ में 10 जनवरी को मेयर चुनाव भी है, इसलिए हो सकता है कि प्रदेश अध्यक्ष ने नाम का एलान मेयर चुनाव के बाद किया जाए। हालांकि अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव आम सहमति से होगा, जैसी पार्टी की परंपरा है।
एक नाम पर नहीं बन पा रही सहमति, संघ भी जुटा
अब तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता भी नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं। एक नाम पर सहमति बनाने को लेकर संघ के नेता भी जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, संघ की सिफारिश के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की तारीख तय होगी। हालांकि संघ लंबे समय से सामंजस्य स्थापित कर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए नेता चुनने का प्रयास कर रहा है।
किस गुट से कौन दावेदार
संजय टंडन गुट : पूर्व मेयर अरुण सूद, प्रदेश उपाध्यक्ष रामबीर भट्टी, पूर्व मेयर आशा जसवाल और महासचिव चंद्रशेखर।
किरण खेर गुट : पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह, संजीव वशिष्ठ और प्रदीप शर्मा।
सत्यपाल जैन गुट : पूर्व मेयर देवेश मोदगिल, पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह व अन्य।
अध्यक्ष कौन होगा, यह पार्टी तय करेगी। इसके लिए शिवराज चौहान चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पीयूष गोयल भी जल्द चंडीगढ़ पहुंचेंगे। अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि इसके लिए कोई डेडलाइन नहीं तय की गई है।
- प्रभात झा, प्रभारी, चंडीगढ़ भाजपा