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पंजाब में लोन वुल्फ अटैक की साजिश बेनकाब, ISI का ट्रेंड एजेंट मोहाली में गिरफ्तार

Fri, 06 Apr 2018 04:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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इंदरजीत सिंह रिंकू
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पंजाब पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट इंदरजीत सिंह उर्फ रिंकू को गिरफ्तार करके एक बड़े लोन वुल्फ अटैक की साजिश बेनकाब कर दी है। उसने आईएसआई की मदद से देसी बम बनाने की ट्रेनिंग भी ली हुई थी। इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट और एमबीए की डिग्री प्राप्त इंदरजीत सिंह फरीदाबाद का रहने वाला है। उसे बुधवार को मोहाली से गिरफ्तार किया गया। वह फरीदाबाद से आ रहा था। इस दौरान उसकी फोर्ड फीगो कार (नंबर एचआर 01 एआर 5972) से केमिकल, डिजिटल रिमोट कंट्रोल (मल्टीपर्पज), दो लाइट रिमोट कंट्रोल सहित विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरंभिक पूछताछ में पता चला है कि इंदरजीत आईएसआई के इशारे पर काम कर रहा था, जिसमें उसे बम तैयार कर पंजाब में धमाके करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इंदरजीत ने यह सामान मार्केटिंग वेबसाइटों के जरिए हासिल किया था।
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फेसबुक से किया संपर्क
इंदरजीत जोकि इस समय फरीदाबाद में जेसीबी कंपनी में काम कर रहा है, ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि फेसबुक से दो साल पहले आईएसआई के अफसरों ने उससे संपर्क किया था। तब से ही वे उनके साथ बातचीत करता रहा और डीआईवाई (डू इट युअरसेल्फ- खुद बम तैयार करने वाली किट) की मदद से बम बनाने के तरीके सीखता रहता था। जांच में यह बात सामने आई है कि आईएसआई के अफसरों ने सोशल मीडिया पर उसके द्वारा अपलोड की गई जानकारी और पोस्टों के आधार पर इंदरप्रीत का चुनाव कर उससे संपर्क किया था। इंदरजीत के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियों की रोकथाम संबंधी धाराओं और विस्फोटक सामग्री एक्ट के अधीन मोहाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

पाक इंटेलिजेंस के अफसरों से जुड़े तार
प्रवक्ता ने बताया कि पाक इंटेलिजेंस के जिन अफसरों ने इंदरजीत को कट्टरपंथी बनाया, उन्होंने पंजाब पुलिस द्वारा 29 मई, 2017 को बेनकाब किए गए आतंकवादी ढांचे के साथ भी नेटवर्क बनाया हुआ था। इस आतंकवादी ढांचे का मास्टरमाइंड मोहाली निवासी हरबिंदर सिंह था, जो फेसबुक के जरिए इंदरजीत सिंह के संपर्क में था। हरबिंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद इंदरजीत एक ‘लोन वुल्फ’ के रूप में काम कर रहा था और देसी बम बनाने के लिए आनलाइन सामान इक्ट्ठा कर रहा था।
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क्या है लोन वुल्फ अटैक
यह वह तरीका है जिसमें अकेला आतंकवादी ही रोजमर्रा काम आने वाली चीजों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हुए जनता पर हमला करते हैं। हमले के इस तरीके में अकेला आतंकी भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है। फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड में पिछले साल लोन वुल्फ अटैक की कई घटनाएं हुईं, जिनमें जान-माल की भारी क्षति हुई थी। लोन वुल्फ अटैक करने वाले अक्सर छोटे हथियारों चाकू, ग्रेनेड आदि का इस्तेमाल करते हैं। कई मामलों में आतंकी ट्रकों और वैनों का प्रयोग लोगों को कुचलने में कर चुके हैं। ऐसे हमलों का पहले से पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे आतंकियों की कोई चेन नहीं होती और ये ग्रुप लीडर से जुड़े बिना ही हमला करते हैं। इन्हें ज्यादा फंड या संसाधनों की जरूरत भी नहीं होती।
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अब तक इन स्थानों पर हो चुके हैं लोन वुल्फ अटैक
- जुलाई 2016 में फ्रांस के नीस शहर में ट्रक से कुचलकर 84 लोगों की मार डाला गया। इस हमले में 400 लोग जख्मी भी हुए
- दिसम्बर 2016 में जर्मनी के बर्लिन में ट्रक से हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 56 जख्मी हुए
- अप्रैल 2017 में स्वीडन के स्टॉकहोम में फुटपाथ पर वाहन चढ़ाकर लोगों की हत्या की गई। इस हमले में पांच लोग मारे गए और 14 जख्मी हुए
- जून 2017 में लंदन ब्रिज पर पैदल जा रहे लोगों को वैन से कुचला गया। इस हमले में सात लोगों की मौत हो गई और 48 जख्मी हुए
- अगस्त 2017 में स्पेन के बार्सिलोना में लोगों पर वैन चढ़ा दी गई, जिससे 13 लोगों की मौत हुई और 130 जख्मी हुए
- अक्टूबर 2017 में अमेरिका के मैनहट्टन शहर में ट्रक से कुचलकर कई लोगों की हत्या कर दी गई

 
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