एलएनजेपी अस्पताल में सरकारी सेंटर से सप्लाई होने वाला सीफोटेक्सीम इंजेक्शन चार मरीजों पर रिएक्शन कर गया। जिन मरीजों को इस इंजेक्शन का रिएक्शन हुआ, उनमें 13 वर्षीय एक बच्ची भी शामिल थी।
हालत बिगड़ने पर मरीजों को तुरंत एमरजेंसी वार्ड में लाकर अधिकारियों को सूचित किया गया। हालांकि उपचार मिलने के कारण स्थिति बिगड़ने से पहले ही संभाल ली गई।
लेकिन यह इंजेक्शन रिएक्शन कैसे हुआ, इसका अभी कुछ पता नहीं चल पाया है। जानकारी के अनुसार उल्टी, पेट दर्द और बुखार की वजह से 15 सितंबर को एडमिट 13 वर्षीय बच्ची किरण, सांस की दिक्कत से परेशान 15 को ही दाखिल हुई दुर्गेश की पत्नी राकेश, उल्टी, दस्त और पेट दर्द से 14 सितंबर को अस्पताल में एडमिट होने वाली सोनिया एवं एक अन्य महिला सुमन को स्टाफ ने सीफोटेक्सीम इंजेक्शन लगाया।
कुछ समय बाद एक के बाद एक चारों की हालत बिगड़ गई। ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर इन्हें एमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर कार्यकारी एमएस डॉ. सुरेंद्र राणा को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही डॉ. सुरेंद्र राणा, डॉ. नितिन कालड़ा और डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने मौके पर इनका चेकअप किया। तुंरत इलाज मिलने के कारण कुछ समय बाद ही इनकी हालत सुधरने लगी।
वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इंजेक्शन लगने के बाद मरीजों की हालत काफी बिगड़ गई थी। बच्ची का हाल चिंताजनक था।
स्टाफ को ध्यान से उपचार करना चाहिए, क्योंकि उनकी लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ सकती है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर इलाज न होता, तो कुछ भी हो सकता था।
बताया गया है कि इन चारों मरीजों को कोई ओर इंजेक्शन लगना था। लेकिन उसके खत्म होने के बाद ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने सीफोटेक्सीम लगा दिया।
जो मरीजों को रिएक्शन कर गया। इंजेक्शन का रिएक्शन यह हुआ कि मरीजों का ब्लड प्रेशर काफी लो हो गया और हालत नाजुक होती गई।
सरकारी सप्लाई में आया है : कार्यकारी एमएस
कार्यकारी एमएस डॉ. सुरेंद्र राणा ने बताया कि यह इंजेक्शन सरकारी सप्लाई में आया है। कई बार मरीज को कोई दवा माफिक नहीं आती और शायद यही कारण है कि चार मरीजों को लगाया सीफोटेक्सीम इंजेक्शन रिएक्शन कर गया।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद ये इन टीकों को लगाना बंद कर दिया गया है और सोमवार को सैंपलिंग करा दी जाएगी।