प्रदेश के मशहूर सरकारी स्कूल नेहरू गार्डन के हॉस्टल की कैंटीन में बनने वाले खाने में बुधवार रात को छिपकली गिरने से 29 छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। इस घटना की खबर मिलते ही स्कूल की प्रिंसिपल व स्कूल स्टाफ ने आनन-फानन में बच्चों को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
स्कूल की प्रिंसिपल गुरविंदर कौर ने कहा कि इसकी खबर मिलते ही वह और स्कूल स्टाफ बच्चों को लेकर सिविल अस्पताल गया था। भगवान का शुक्र है कि बच्चे बिल्कुल ठीक हैं। हॉस्टल में खाना बनाने वालों से इस बारे में पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि छिपकली का एक छोटा बच्चा खाना परोसने वाली प्लेट में गिरा हुआ था। इसके बाद उन्होंने उस खाने को वहां से हटा दिया था। प्रिंसिपल ने माना कि कहीं न कहीं लापरवाही हुई है। इसकी वह जांच करवाएंगी। उन्होंने इस घटना के बारे में डायरेक्टर पब्लिक इंस्टीट्यूट आफ स्पोर्ट्स को बता दिया है।
मामले की जांच करवाता हूं: डीसी
मुझे इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। मैं आज ही इस मामले की जांच करवाता हूं। स्कूलों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि बच्चों के लिए बनने वाले खाने में किसी तरह की कोई लापरवाही न बरती जाए।
डिप्टी डीईओ को सौंपी है मामले की जांच: डीईओ
डीईओ सतनाम सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच डिप्टी डीईओ को सौंपी है। वे स्कूल गए थे और उन्होंने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि गलती कहां पर हुई है।