पहले ही किसानों को धान के रेट कम मिलने से नुकसान उठना पड़ रहा है। वहीं अलसुबह आंशिक ओलावृष्टि व बूंदाबादी के साथ चली तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
कई गांव में बारिश के साथ ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने से धान की फसल खेत में ही बिछ गई है। जिस कारण किसानों पर दोहरी मार पड़ी है।
जहां पिछले वर्ष की अपेक्षा अबकी बार धान के रेट कम मिलने से किसानों को प्रति एकड़ करीब दस हजार रुपये तक नुकसान उठना पड़ रहा है।
बुधवार को अलसुबह आसमान में बादल उमड़ आए और तेज हवाओं के साथ बूंदाबादी शुरू हो गई। इसके अलावा कुराड़, धनसौली, नन्हेड़ा, जलालपुर गांव के रकबे में आंशिक ओलावृष्टि की खबर है।
इन गांवों में तेज बारिश की भी खबर है। तेज हवाओं के साथ बूंदाबादी से कई गांव के खेतों में तैयार धान की फसल बिछौने की तरह बिछ गई है।
कुराड़ के शीशपाल, धनसौली के कपिल, नन्हेड़ा के खुशीराम ने बताया कि तेज हवाओं व ओलावृष्टि का सबसे अधिक असर बासमती पर पड़ा है।
इससे किसानों के चेहरे मुरझा गए। किसान प्रीतम, रामकिशन, बलदेवा, कृष्ण आदि ने बताया कि तेज हवाओं व बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल खेत में ही बिछ गई है। इससे 10 से 15 प्रतिशत से अधिक असर फसल पर पड़ेगा।
फसल के उत्पादन पर पड़ेगा असर
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल के उत्पादन पर 10 प्रतिशत असर पड़ेगा। वहीं कृषि विभाग अधिकारियों की माने तो जो फसल पक चुकी थी उस पर बारिश का खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने किसानों को चिंतित न होने की बात कही।
बासमती धान पर अधिक असर
जिले के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि होने से बासमती सबसे अधिक प्रभावित हुई है। फसल में अभी दाना कच्चा होने के कारण उत्पादन पर असर पड़ेगा। इससे किसान को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
थर्मल। क्षेत्र में बुधवार को तड़के आंधी व बरसात से क्षेत्रों की धान की फसल बिछ गई। पहले ही बरसात की कमी से सूखे की मार झेल रहे किसानों के अरमानों पर इस बरसात से पानी फिर गया है।
वहीं तेज आंधी के चलते तार टूटने से बिजली की बत्ती गुल भी गुल हो गई। क्षेत्र में तड़के पांच से लेकर करीब सात बजे तक चली तेज आंधी व बरसात से धान की फसल गिरने से किसानों के चहरे भी लटक गए हैं।
किसान साहब सिंह, राजू, शमे सिह, गजा सिंह, साधू राम, नफे सिंह, राधा राम ने बताया कि आंधी व बरसात के कारण क्षेत्र में धान की फसल गिर गई है।
जिससे प्रति एकड़ धान की उपज में कम से कम पांच क्विंटल तक नुकसान होने का अंदेशा है। वहीं आंधी में तारें टूटने से क्षेत्र की बिजली गुल होने से रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोग लाइट ठीक कराने के लिए दिनभर निगम कार्यालय के चक्कर लगाते रहे।