फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन्होंने दूसरी क्लास में दी थी पहली परफॉर्मेंस

Mon, 25 Nov 2013 05:52 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
अपने गीतों से लोगों की टेंशन भगाने वाले लोकप्रिय बॉलीवुड सिंगर केके की टेंशन दूर करता है उनका परिवार। जी हां, यह कहना है केके यानी कृष्णकुमार कुन्नथ।
विज्ञापन


रविवार को चंडीगढ़ कार्निवाल में परफॉर्मेंस के लिए पहुंचे केके ने कहा कि वह डाक्टर बनना चाहते थे पर यह शायद किस्मत को मंजूर नहीं था।

उन्होंने पहली परफॉर्मेंस दी, जब वे दूसरी क्लास में थे। उन्होने दोस्तों संग रॉक बैंड बनाया। वर्ष 1994 में वे मुंबई आए तो अपना डेमो टेप कई लोगों को दिया। अब तक हिंदी में उन्होंने 250 से भी अधिक गाने गाए।

उनके गीत तमिल और तेलगु में भी हैं। उन्होंने अपना पहला सोलो गीत भी विशाल भारद्वाज के लिए ही गाया। उन्होंने कहा कि जब वे काम नहीं करते तो फैमिली के संग समय बिताते हैं। उनका परिवार है जो कि उनको बॉलीवुड के दबाव से निपटने की प्रेरणा देता है।
विज्ञापन

 
तड़प अभी भी बरकरार:
देसी ब्वॉयज का ‘मेक सम नॉयस फार देसी ब्वॉयज’ जैसा सुपरहिट गीत हो या फिर ‘जरा सी दिल में दे जगह तू’ जैसा कर्णप्रिय गीत, सभी में केके के दिल की तड़प अभी भी बरकरार है।

फिल्म हम दिल दे चुके सनम के ‘तड़प-तड़प के इस दिल से’ गीत से रातों-रात सुर्खियों में छाने वाले 43 वर्षीय गायक का कहना है कि बॉलीवुड में उनको पहचान दिलाने वाला यही गीत है। हालांकि इस गीत के पहले वह 3,500 जिंगल गा चुके थे।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें