यमुनानगर में एक मां को उसकी तीन बेटियों ने दी मुखग्नि
- फोटो : अमर उजाला
पटियाला शाही खानदान की दिवंगत बेअंत कौर का उनकी बेटियों ने दाह संस्कार करके समाज को नई राह दिखाने का प्रयास किया है। 90 वर्षीया बेअंत कौर का 21 अगस्त को निधन हो गया था। उनके परिवार में कोई बेटा न होकर पांच बेटियां ही हैं। जिनमें से तीन इन दिनों अमेरिका में रह रही हैं।
मां के निधन की खबर मिलते ही अमेरिका में रह रही तीनों बेटियों ने मां के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने की इच्छा जताई। जिसके कारण बेअंत कौर का तीन दिन तक दाह संस्कार रोकना पड़ गया। बुधवार सुबह को तीनों बेटियों के अमेरिका से पहुंचने के बाद ही दाह संस्कार की तैयारी की गई।
भाई नहीं था, इसलिए बहनों ने लिया ये फैसला
यमुनानगर में एक मां को उसकी तीन बेटियों ने दी मुखग्नि
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इस दौरान पांचों बेटियों ने भाई न होने के कारण स्वयं दाह संस्कार करने का निर्णय किया। समाज ने भी बेटियों की इस इच्छा को मान लिया। जिसके बाद गांव सादिकपुर स्थित उनके फार्म हाउस पर दाह संस्कार की तैयारी की गई।
बेअंत कौर की बेटियों जालंधर वासी परमपाल, अंबाला वासी जगदीप तथा अमेरिका वासी गुरप्रीत, सरबजीत और रमणीक ने अपनी मां का दाह संस्कार किया।
समाजसेवी हंसराज डांग, मंगतराम सैनी तथा कुलविन्द्र सिंह चड्ढा ने बेअंत कौर की बेटियों की इस पहल को समाज को आइना दिखाने जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में चल रहे बेटी बचाओ अभियान को इन बेटियों की इस पहल से और अधिक बल मिलेगा।