कम अल्कोहलिक ड्रिंक्स जैसे बीयर, वाइन आदि को प्रमोट करने और इंडियन वाइन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस फीस व एक्साइज ड्यूटी को बढ़ाया नहीं गया है। मौजूदा 50 डिग्री प्रूफ और 60 डिग्री प्रूफ के अलावा देशी शराब का 65 डिग्री प्रूफ पेश किया गया है। इससे उपभोक्ताओं के लिए विकल्प बढ़ेगा और देशी शराब की बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध होगी।
शहर में बिकेगी इंपोर्टेड रेडी टू ड्रिंक शराब
नकली शराब पर अंकुश लगाने के लिए देशी शराब की बोतलों में प्रूफ सील अनिवार्य कर दी गई है। देशी शराब के मूल कोटे का केवल 50 प्रतिशत बॉटलिंग प्लांटों में समान रूप से वितरित किया जाएगा और मूल कोटे का 50 प्रतिशत खुला रखा जाएगा। साथ ही अतिरिक्त कोटा भी खुला रखा जाएगा। इससे खुदरा विक्रेताओं को अपनी पसंद के बॉटलिंग प्लांट और ब्रांड के अनुसार आपूर्ति प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा।
हितधारकों के साथ परामर्श के अनुसार कुल मिलाकर मूल कोटे में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। शहर में रेडी टू ड्रिंक को बिक्री के लिए अनुमति दे दी गई है। ठेकों की अलॉटमेंट में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडरिंग के जरिए आवंटन का फैसला लिया है और परमिट और पास भी ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे।
एक अक्टूबर से कंप्यूटराइज्ड बिल अनिवार्य
आबकारी नीति में फैसला लिया गया है कि ठेकों पर एक्सपायर शराब बेचने पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। एक अक्तूबर 2022 से कंप्यूटराइज्ड बिलिंग शुरू करने का फैसला लिया गया है और बिल न जारी करने पर पांच हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। ई-टेंडरिंग में बेहतर रिस्पांस के लिए बयाना राशि को कम कर दिया गया है। ठेके, बार, रेस्टोरेंट, होटल व क्लब सभी लाइसेंसधारकों को पिछली बार की तरह कोविड रिबेट जारी रहेगी। अतिरिक्त लाइसेंस शुल्क के भुगतान पर 3 और 4 स्टार होटलों में भी 24 घंटे शराब की अनुमति दी गई है।