हरियाणा के चर्चित शराब घोटाले की जांच कर रही एसईटी खुद ही दायरे में उलझ कर रह गई है। जांच के लिए एसईटी को दस्तावेजों की दरकार है। एसईटी प्रमुख टीसी गुप्ता ने एक बार फिर से सरकार को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि एसईटी को जांच के लिए आबकारी विभाग से कागजात चाहिए। यह जानकारी देते हुए हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि अभी तक एक भी कागज एसईटी के पास नहीं आया है। उधर घोटाले के किंगपिन भूपेंद्र गुजरात पुलिस भी पूछताछ कर चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक बिहार पुलिस को भी कुछ मामलो में भूपेंद्र की तलाश है। एसईटी का गठन 10 मई को हुआ था। एसईटी के गठन हुए 45 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक नतीजा नहीं निकला है। पहले गृह मंत्री ने एसईटी के गठन के समय उसमें आईएएस अशोक खेमका सहित तीन आईएएस अधिकारियों के नाम की सिफारिश की थी। खेमका विज की पहली पसंद थे, लेकिन एसईटी खेमका की बजाए टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में गठित हुई। बाद में विज ने सरकार को यह पत्र लिखा कि एसईटी की शक्ति बढ़ाई जाए। यह फाइल भी कानूनी पचड़े में उलझ कर रह गई।
जिसके बाद एसईटी प्रमुख टीसी गुप्ता ने सरकार ने एसईटी का कार्यकाल बढ़ाने की सिफारिश की। इसमें कहा गया कि एसईटी को आवश्यक कागजात चाहिए। जिसके बाद अनिल विज का यह बयान आया कि आबकारी महकमा एसईटी को कागजात नहीं दे रहा, जिसके चक्कर में एसईटी जांच नहीं कर पा रही है। वहीं घोटाले में पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर जसबीर को गिरफ्तार तो कर लिया है, लेकिन गिरफ्तारी में लंबा समय लग गया। वह भी तब जब उसका परिवार हरियाणा में ही रहता रहा है। सूत्रों का कहना है कि जसबीर की गिरफ्तारी में विलंब होने में के पीछे भी बड़े कारण है।