जेलों में बंद कैदी अब देसी घी के खाने का मजा भी ले पाएंगे। जेल विभाग ने कैदियों को बड़ी सौगात दी है। कैदियों का जेल खर्च सरकार ने दो हजार रुपये प्रतिमाह बढ़ा दिया है। अभी तक कैदियों की खर्च सीमा प्रतिमाह छह हजार रुपये थी, जिसे आठ हजार रुपये कर दिया गया है। जेल विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। इसे स्वीकृति मिल गई है। हालांकि यह सुविधा हरियाणा की जेलों में होगी।
खर्च राशि में इजाफा होने पर कैदी मनमाफिक खाद्य पदार्थों का उपभोग कर सकेंगे। छह हजार रुपये खर्च सीमा होने पर कैदी कैंटीन से चाउमीन, बर्गर, ब्रांडेड ब्रेड, बिस्किट-नमकीन, छोले भटूरे और देसी घी के खाने का आनंद नहीं ले पाते थे। कैदियों की ओर से खर्च राशि बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।