चंडीगढ़। तीन साल बाद शहर के पार्क रोशन करने की तैयारी है। पार्कों में लाइट लगाने के लिए 8 कंपनियों ने आवेदन किया है। अभी कंपनियों की टेक्निकल बिड देखी जा रही है। सब सही रहा तो अगले माह तक निगम पार्कों में लाइट लगाने की निविदा (टेंडर) कर देगा। साढ़े चार करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत कंपनियों को 2 माह में 6 हजार लाइटें पार्कों में लगानी हैं।
प्रोजेक्ट के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों में एमएस एचक्यू लैम्प्स मैन्युफैक्चरिंग को प्राइवेट लिमिटेड, एमएस एस्केनटेक लाइटनिंग सॉल्यूशन, एमएस ट्विंकल ल्यूमिनायर्स प्राइवेट लिमिटेड, एमएस पंजाब इंडस्ट्रियल वर्क प्राइवेट लिमिटेड, एमएस करनस मार्केटिंग, एमएस त्रिदंत सेल्स, एमएस पीसीपी इंटरनेशनल लिमिटेड, लीगेरो लाइटिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। सभी की टेक्निकल बिड देखी जा रही है। कम से कम दो कंपनियों के बीच फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी।
निगम के बिजली विभाग का मानना है कि नवम्बर तक पार्कों में लाइट लगाने का काम शुरू करवा देंगे। निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि 2017 में पार्कों में लाइट लगाने के लिए ईएसएल कम्पनी के साथ अनुबंध हुआ था। कंपनी ने पार्कों में पोल तो लगा दिए, लेकिन लाइट नहीं लगा सकी। कंपनी का कहना था कि लाइटों का काम उनके पास है नहीं। इस काम के लिए कंपनी ने कई बार टेंडर किया, लेकिन किसी व्यक्ति ने कोई रुचि नहीं दिखाई। इस कारण प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती गई। आखिरकार कंपनी ने कहा कि निगम इसके लिए खुद टेंडर लगा सकता है। उसके बाद निगम ने पिछले माह लाइटों के लिए टेंडर लगाया था।
आरडब्ल्यूए व पार्षदों ने भी जताई थी नाराजगी
पार्कों में पोल लगाने के बाद जब लाइटें नहीं लगीं तो निगम आरडब्ल्यूए के सदस्यों के निशाने पर आ गया। सदस्यों ने कई बार पत्र लिखे। यहां तक कि प्रशासन में भी गए, लेकिन उनका कहना था कि ठेकेदार पैसे लेकर भाग गया। हालांकि निगम के अधिकारियों ने उन्हें वास्तविकता बताई। तब जाकर वे शांत हुए। इधर, इस मामले में जब क्षेत्रीय पार्षदों पर दबाव बढ़ा तो उन्होंने सदन की बैठक में हंगामा किया। पार्षदों ने कहा कि ईएसएल से यह टेंडर क्यों नहीं छीना जा रहा है। हर साल दीपावली तक लाइटें लगाने का वादा होता है, फिर कोई हल नहीं निकलता। निगम ने दिल्ली पत्र भेजकर इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को बताया, तब जाकर मामला हल हो सका।