चंडीगढ़। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत व सह-प्रभारी संजय चौधरी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कांग्रेसियों की नब्ज टटोली। इस दौरान 75 प्रतिशत जिला अध्यक्ष, फ्रंटल संगठन व सेल्स के चेयरमैन संगठन के पदाधिकारियों का नाम ही नहीं बता पाए। इस पर हरीश रावत ने काफी नाराजगी जताई।
रावत ने कहा कि जल्द वह अपने सचिव को चंडीगढ़ भेजकर पार्टी की आंतरिक स्थिति के बारे में रिपोर्ट लेंगे। उसके बाद एक बड़ी समीक्षा बैठक करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब किसी का नाम देखकर पद नहीं मिलेगा। पदाधिकारी इस भ्रम में न रहें कि वह किसी के खास हैं। इस दौरान उन्होंने सभी जिला अध्यक्ष, फ्रंटल संगठन व सेल्स के चेयरमैन की कार्यकारिणी की सूची के साथ उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की रिपोर्ट भी देखी।
बैठक में अजय जोशी, गुरप्रीत सिंह गाबी, दीपा दुबे, यादविंदर मेहता, धर्मवीर, लव कुमार, बिरिन्दर रावत, राकेश गर्ग, ओमप्रकाश सैनी, गगन आहलूवालिया, अमरजीत गुजराल, रोबी सिद्धू, दविंदर मारवाह, जतिंदर यादव, मयंक पूरी, परमजीत सिंह, मुकेश राय, भुवन लूथरा, अहमद अली, संजय ढल्ल मौजूद रहे।
प्रधान व चेयरमैन स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं : रावत
रावत ने कहा कि नगर निगम चुनाव के लिए अभी से कमर कसनी होगी। इसके लिए एकजुटता जरूरी है। बैठक में विभागों के अध्यक्ष व चेयरमैन को सुझाव देकर कुछ कार्यक्रम करने व स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने को कहा। प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि इस तरह की बैठक से कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्द्धन होता है। संजय चौधरी ने कहा कि कार्यकारिणी को मजबूत बनाएं और बैठक में दिए सुझावों पर जरूर अमल करके अपनी रिपोर्ट हर महीने दें।