मोहाली जिला अदालत ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने व उसे गर्भवती करने के मामले में सौतेले पिता को दोषी ठहराते हुए ताउम्र कैद की सजा सुनाई है। हालांकि अदालत में इस मामले की शिकायकर्ता और उसकी मां दोनों मुकर गई थी लेकिन पुलिस ने बच्ची से पैदा हुए बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाया था जिसका दोषी से मिलान हो गया था।
अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। दोषी व्यक्ति मूल रूप में उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। फिलहाल वह मोहाली में रह रहा था। यह फैसला जिला व सेशन जज डॉ. हरप्रीत कौर की अदालत ने सुनाया। इस मामले में मनजीत सिंह सरकारी वकील के तौर पर केस की पैरवी कर रहे थे।
जानकारी के मुताबिक यह मामला जनवरी महीने में उस समय सामने आया था कि जब मोहाली निवासी एक नाबालिग लड़की ने अपने स्कूल में अध्यापिका को अपने बाप की घिनौनी हरकत के बारे में बताया था। पिता की घिनौनी हरकत का पता तब चला जब लड़की सात महीने की गर्भवती हो चुकी थी।
पुलिस ने पुलिस स्टेशन फेज-1 मोहाली में आरोपी बाप के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 व पॉक्सो एक्ट की धारा 6 तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया था। वहीं बच्ची को भी सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया था। इसके बाद बच्चे के डीएनए सैंपल भी लिए गए थे जो पीड़ित लड़की के उस सौतेले बाप के साथ मिल गए थे।