बहुचर्चित ऑटो गैंगरेप मामले के दो दोषियों इरफान मोहम्मद (28) और कमल हसन (21) को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पूनम आर जोशी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इरफान पर तीन लाख और दोषी कमल हसन पर दो लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत में सजा सुनाए के बाद दोषियों का परिवार फूट-फूट कर रोने लगा।
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मोहम्मद इरफान उत्तरप्रदेश के जिला आंबेडकर नगर के गांव मरदापुर, तहसील अकबरपुर का रहने वाला है, जबकि कमल हसन उर्फ दिल दिल कलंदर कालोनी दिलशाद गार्डन सीमापुरी नई दिल्ली का रहने वाला है। अभियोजन पक्ष के वकील ने फांसी की मांग की थी, लेकिन अदालत ने कहा कि यह केस रेयर ऑफ द रेयररेस्ट केस में सेे नहीं है, इसलिए फांसी नहीं दी जा सकती।
बचाव पक्ष ने परिवार का हवाला देते हुए कम से कम सजा की मांग की, लेकिन अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एक लड़की पब्लिक ट्रांसपोर्ट में एक भरोसे केसाथ बैठी थी। उसके उस भरोसे को भी तोड़ दिया गया। इस तरह की घटनाएं सोसाइटी पर बुरा प्रभाव डालती हैं। भारत त्यौहारों का देश है, यहां पर हर रिश्ते को सेलिब्रेट किया जाता है।
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रक्षाबंधन आ रहा है, बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। हमारे देश में औरत को देवी का रूप समझा जाता है। ऐसेअपराध पर दया करना सोसाइटी के साथ धोखा होगा। इससे सोसाइटी का सिस्टम से विश्वास टूटता है।
ये है मामला
बता दें कि बीते एक अगस्त को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। उसके बाद सात अगस्त को धारा 376 ई शामिल करने की मांग की गई थी। आठ अगस्त को कोर्ट ने धारा 376 ई को शामिल करने की मंजूरी दे दी थी। उसी धारा केतहत दोषी इरफान को सजा का फैसला सुनाया गया है। मामला 13 दिसंबर 2016 का है। 21 वर्षीय पीड़िता ने अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद पिकाडली चौक से घर जाने के लिए ऑटो लिया था। इस ऑटो में पहले से दो व्यक्ति सवार थे।
आरोपियों ने सेक्टर-29 स्लिप रोड जंगल केपास सुनसान जगह पर ऑटो खराब होने का बहाना बनाकर रोक लिया और ऑटो ठीक करने का नाटक करने लगे। इस दौरान ऑटो में बैठे आरोपी ने पीड़िता को धक्का मारा, जबकि दूसरे आरोपी ने चाकू से धमकाना शुरू कर दिया। बाद में दोनों ने उसके साथ सामूहिक रेप किया। रेप के दौरान आरोपियों ने वीडियो भी बनाई। आरोपियों ने पीड़िता को धमकी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उसका वीडियो वायरल कर देंगे।
पीड़िता ने घर जाकर सारी घटना अपनी मां को बताई। मां ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पीड़िता के पहचान बताने पर आरोपियों के स्कैच शहर में जगह जगह लगाए गए। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनका डीएनए टेस्ट किया गया। इस दौरान इरफान और कमल का डीएनए केस के साथ मैच पाया गया। मोहम्मद इरफान पहले ही रेप मामले में सजा काट रहा है। पीड़िता ने टीआईपी के दौरान आरोपियों की पहचान की थी।
दोषी की मां बोली- नशे में हो गई बच्चे से गलती
दोषी इरफान के दो लड़के और दो लड़कियां हैं। एक लड़की अपाहिज है। इरफान की मां ने रोते हुए बताया कि वह उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। घटना के कुछ समय पहले से वह जीरकपुर में रहता था। शराब के नशे में बच्चे से गलती हो गई है। जज मैडम को इरफान के बच्चों के बारे में भी सोचना चाहिए। उनका बेटा घटना सेपहले यहां मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करता था। उसके बाद बनूड़ के किसी व्यक्ति ने उसे ऑटो खरीदकर दिया। उसी ऑटो को इरफान चलाने लगा, जबकि कमल हसन दिल्ली में काम करता था। उसके तीन बच्चे हैं। जीरकपुर में उसका परिवार रहता है। कमल यहां अपने परिवार से मिलने आया करता था, इस दौरान उसकी दोस्ती इरफान से हुई।
रेप केस में हो चुकी है इरफान को सजा
इससे पहले एक अन्य रेप केस में 31 अगस्त 2018 को अदालत ने मोहम्मद इरफान को 20 साल की सजा सुनाई थी। यह मामला 27 अगस्त 2017 का है। मोहाली निवासी पीड़िता सेक्टर-37 से टाइपिंग क्लास से मोहाली लौट रही थी। उसने घर जाने के लिए ऑटो हायर किया। ऑटो में पहले से तीन आरोपी सवार थे। सेक्टर-53 में तीनों ने पीड़िता से रेप किया था। सेक्टर-42 के पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे से दोषियों की पहचान की गई थी।
सुनवाई केदौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चंडीगढ़ शहर लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है। शहर में छेड़छाड़ और रेप की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। नेशनल क्राइम रिकोर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की पिछले साल की रिपोर्ट में सामने आया कि चंडीगढ़ 7 केंद्र शासित प्रदेशों में अपराध के मामले में दूसरे स्थान पर है। इस तरह के अपराध में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। चंडीगढ़ में यौन उत्पीड़न के 164 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 76 रेप के मामले हैं। यह तो अपराध की केवल एक झलक है। कई मामले तो डर केकारण के कारण सामने ही नहीं आ पाते।
ऐसे हुई थी आरोपी इरफान की पहचान
बीते 27 अगस्त 2017 को सेक्टर-37 से मोहाली निवासी एक युवती ने ऑटो हायर किया। इस दौरान ऑटो में पहले से चालक समेत तीन युवक सवार थे। सेक्टर-53 के जंगलों के पास युवती से रेप कर तीनों फरार हो गए। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज लगा, जिसमें तीनों आरोपी और ऑटो कैद था। इसके बाद पुलिस सख्ती में आई और शहर के सभी ऑटो चालकों को वेरिफाई किया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी इरफान को वेरिफाई कर छोड़ दिया था।बाद में सेक्टर-36 थाना पुलिस जीरकपुर के पास से उस ऑटो को वेरिफाई कर आरोपी इरफान तक पहुंची और इसके बाद बाकी के दो आरोपियों को पुलिस ने उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया था। इरफान ने पुलिस पूछताछ में 2016 में हुए गैंगरेप की बात कबूली थी। पुलिस को एक क्लू इसके ऑटो से मिला था, जो ऑटो में लगा एक निशान था, जिससे पुलिस को दोबारा आरोपी तक पहुंचने में आसानी हुई।