सोनू शाह हत्याकांड के तीन शूटरों को उम्रकैद
सात साल बाद आया फैसला, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई समेत पांच आरोपी साक्ष्यों के अभाव में हो चुके हैं बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। बुड़ैल के बहुचर्चित प्रॉपर्टी डीलर राजवीर सिंह उर्फ सोनू शाह हत्याकांड में जिला अदालत ने सात साल बाद बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन शूटरों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन तीन दोषी शूटरों में हिसार के शुभम उर्फ बिगनी व मंजीत उर्फ मोटा और कुरुक्षेत्र निवासी राजन उर्फ जाट शामिल हैं। इन्हें अदालत ने बुधवार को हत्या का दोषी करार दिया था। वहीं, इस मामले में नामजद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, राजू बसोदी, दीपक रंगा, धर्मेंद्र और अभिषेक उर्फ बंटी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
अदालत में चले ट्रायल के दौरान यह साबित हुआ कि 28 सितंबर 2019 को तीनों दोषी बुड़ैल स्थित सोनू शाह के कार्यालय में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। गंभीर रूप से घायल सोनू शाह को सेक्टर-32 के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के बड़े भाई प्रवीण शाह ने इस मामले में चश्मदीद गवाह के तौर पर अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अदालत में आरोपियों की पहचान करते हुए बताया कि हथियारबंद युवक सीधे कार्यालय में घुसे और सोनू शाह को निशाना बनाया। अदालत के फैसले के बाद भावुक प्रवीण शाह ने कहा कि आज मेरे भाई की आत्मा को शांति मिलेगी। मैंने हर तारीख पर अदालत में पेश होकर इंसाफ की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि जज के फैसले से वे संतुष्ट हैं और जिसने गलत किया, उसे सजा मिलनी ही थी। पुलिस ने दावा किया था कि हत्या लॉरेंस बिश्नोई के इशारे पर करवाई गई लेकिन अदालत में यह आरोप सिद्ध नहीं हो सका। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर बिश्नोई ने खुद को बेगुनाह बताया था।
इस मामले में दो अहम गवाहों की भी मौत हो चुकी है। घटना के समय मौजूद जोगिंदर सिंह का अब तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला जबकि घायल परमिंदर सिंह की बाद में मृत्यु हो गई थी।
भाई बोले: जज के फैसले से संतुष्ट, कर्मा आगे आना ही था
मृतक के भाई और इस केस के मुख्य गवाह प्रवीन शाह ने कहा कि वह अदालत के फैसले से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें सजा मिली है, उन्हीं ने सोनू शाह को गोलियां मारी थीं। जिसने गलत किया, उसे सजा मिलनी ही थी। इंसान के कर्म का फल एक न एक दिन जरूर मिलता है। प्रवीन शाह ने कहा कि जिस परिवार का सदस्य इस तरह छिन जाता है, वही उसके दर्द को समझ सकता है। सोनू शाह की किसी से कोई रंजिश नहीं थी और न ही आरोपियों के साथ कभी कोई झगड़ा हुआ था। एक व्यक्ति के जाने से पूरा परिवार टूट जाता है। मां-बाप, बहन-भाई और पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। उन्होंने बताया कि सोनू की शादी को अभी डेढ़ साल भी नहीं हुआ था। प्रवीन शाह ने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद थे लेकिन पुलिस की ढिलाई बरती।