पिछले साल 18 मार्च को शहर में कोरोना का पहला मरीज मिला था। इसके बाद लॉकडाउन में जैसे जिंदगी चारदीवारी में सिमट कर रह गई थी। फैक्टरियां, दुकानें, शोरूम सब जगह ताले लग गए और यातायात ठप होने से सड़कें सुनसान हो गईं। हाईवे पर प्रवासियों के पैदल चलने की तस्वीरें आज भी दिल को दहला देती हैं। इनकी मदद के लिए सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों का आगे आना, सब देखा। कोरोना योद्धाओं की मदद से लोग इस महामारी से जंग जीतने की ओर बढ़ ही रहे थे कि फिर से कोरोना ने पैर पसारना शुरू कर दिए हैं, फिर भी विश्वास है कि कोरोना को हराकर यह जंग हम जल्द ही जीतेंगे।
आंकड़े एक नजर में
- 249 केस बुधवार को मिले
- 250 केस 12 सितंबर 2020 को मिले थे
- 25130 संक्रमित मरीज अब तक मिल चुके हैं
- शहर में 22587 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं
- 365 लोगों की अब तक मौत हो चुकी हैं
- 7672 केस केवल सिंतबर में मिले थे
कोरोना संक्रमण को लेकर चंडीगढ़ की स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है। अगर इस दौरान लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो पिछले साल की तरह स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। ऐसे में जरूरी है कि लोग सामाजिक दूरी, मास्क व सैनिटाइजर का कड़ाई से पालन करें।
- प्रोफेसर जगतराम, निदेशक पीजीआई
जिस रफ्तार से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, उससे स्थिति बिल्कुल साफ है कि अगर अब भी लापरवाही और अनदेखी जारी रही तो उसकी महंगी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि कोरोना का टीका लगवाकर खुद को संक्रमण से बचाव के लिए तैयार किया जाए।
- डॉ. अमनदीप कंग, निदेशक स्वास्थ्य
लॉकडाउन को एक साल बीत चुका है। प्रशासन ने शहरवासियों की मदद से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ी और उस पर काबू भी पाया। अब फिर कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, इसलिए शहरवासियों को सावधान रहने की जरूरत है। कोविड नियमों का सख्ती से पालन करें। - मनोज परिदा, सलाहकार, यूटी प्रशासक