चंडीगढ़ सेक्टर-7 सी निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी से 30.94 लाख की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। शातिरों ने पहले पार्ट टाइम नौकरी का झांसा दिया, फिर बोनस की रकम निकालने और डिलक्स सदस्यता देने के नाम पर काफी रुपये ऐंठ लिए।
ठगों ने पत्नी के साथ लेफ्टिनेंट कर्नल को भी झांसे में ले लिया। उन्होंने दोस्तों व क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर, म्यूचुअल फंड बेचकर लाखों रुपये जमा करवाए। बाद में शातिरों ने पार्ट टाइम नौकरी के लिए बनाए गए लॉगिन को लॉक कर दिया। पीड़ितों ने जब फंसी हुई रकम की मांग की तो शातिरों ने उसका आधा हिस्सा मांग लिया। खुद को ठगा पाकर लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी ने साइबर अपराध पुलिस थाने में शिकायत दी। पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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जानकारी के मुताबिक, ठगी की यह वारदात 23 अगस्त से 22 सितंबर के बीच हुई। लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी के टेलीग्राम चैनल पर 23 अगस्त को पर एक महिला ने संपर्क किया और दिन में एक से तीन घंटे काम कर 2500-3200 रुपये व तीन से पांच घंटे काम कर 4600-5800 रुपये की कमाई करने का लालच दिया। हामी भरने पर 24 अगस्त को एक एजेंट ने संपर्क किया और ट्रायल वर्क का प्रस्ताव रखा।
शातिर ने एक वेबसाइट पर उनकी लॉगिन आईडी बनवा दी और बैंक खाते की निजी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद शुरू हुआ ठगी का खेल। आरोपियों ने दुनिया के कई होटलों को फाइव स्टार रेटिंग देने का टास्क दिया और शिकायतकर्ता के खाते में बोनस के रुप में 700 रुपये डाल दिए।
बोनस के साथ पैसे वापस करने का दिया झांसा
ठगों ने कहा कि रेटिंग देने के लिए कुछ रकम जमा करवानी होगी, जो बोनस के साथ वापस आ जाएगी। 26 अगस्त को पीड़िता ने 20 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उन्हें बोनस मिलने लगा। फिर ठगों ने डीलक्स सदस्यता का प्रस्ताव दिया और 2.41 लाख रुपये जमा करवाने पर 4.09 लाख रुपये देने की बात कही। पीड़िता ने रुपये जमा करवाने के लिए कोलकाता में बैठे अपने पति से संपर्क किया और पहले एक लाख फिर 1.41 लाख रुपये जमा करवा दिए। फिर डीलक्स सदस्यता को अपग्रेड करने के नाम पर 8.03 लाख रुपये की मांग की।
लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी सदस्यता अपग्रेड नहीं कराना चाहती थीं, मगर ठगों ने 12.93 लाख रुपये देने का झांसा दिया। शातिरों ने विश्वास जीतने के लिए दो लाख रुपये की मदद भी की। इसके बाद पीड़िता और उनके पति ने दोस्तों से पैसे उधार लिए और दो लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद चार सितंबर को तीन लाख रुपये और जमा करवाए। बाद में फिर एक लाख रुपये और जमा करवाए, जिसके बाद रकम लॉक हो गई।
आखिर में 35 लाख रुपये मिलने का दिया लालच
इसके बाद ठगों ने नया बोनस लेवल खोल दिया और इस बार 17.87 लाख रुपये जमा करवाने पर 35.13 लाख रुपये मिलने का लालच दिया। ठगों के कस्टमर केयर अधिकारी ने इसे अंतिम लेवल बताया। पीड़िता और उनके पति ने यह रकम जमा कराने के लिए कई क्रेडिट कार्ड पर लोन लिए और अपना म्यूचुअल फंड भी बेच दिया। 18 सितंबर को 10 लाख रुपये जमा करवाए। इसके बाद एक-एक लाख रुपये अलग से जमा करवाए। इसके बाद और पैसे जमा कराए। एक ठग जो एजेंट बना हुआ था, उसने चार लाख रुपये की मदद की। 22 सितंबर को शिकायतकर्ता के पति ने 7.41 लाख रुपये और जमा करवाए लेकिन रकम नहीं नहीं मिली और बाद में वेबसाइट का लॉगिन-पासवर्ड लॉक हो गया।