नगर निगम की सीमा के अंदर किसी भी तरह का कोई भी रोजगार करने के लिए अब आने वाले समय में लोगों को बकायदा निगम से लाइसेंस लेना पड़ेगा। निगम की ओर से यह लाइसेंस एक साल के लिए जारी किया जाएगा, जिसके लिए लोगों को फीस चुकानी भी पड़ेगी।
इसके लिए निगम ने एक प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके लिए लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। जिसके बाद निगम द्वारा सुझावों व ऐतराजों पर विचार करके नए साल नए रेट लागू कर कर देने की संभावना है।
जानकारी के मुताबिक शहर में पहले नगर काउंसिल होती थी, लेकिन अब उसे नगर निगम का दर्जा मिल चुका है। वहीं, अब उसका क्षेत्र भी बढ़ गया है।
ऐसे में निगम अधिकारियों की दलील है कि म्यूनिसपल कॉरपोरेशन एक्ट की धारा-343 अधीन जारी किए जाने वाले लाइसेंसों की फीस निर्धारित करना जरूरी हो गया था। क्योंकि इस समय जो निगम द्वारा फीस वसूली जाती है। वह काफी समय पहले पंजाब म्यूनिसपल एक्ट 1911 तहत निर्धारित की गई थी।
इसके चलते निगम ने लाइसेंसों की फीस वसूली के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया है। निगम ने कुल 217 ट्रेड को तीन हिस्सों में बांटकर फीस तय की है। वहीं, निगम ने साफ किया है कि अगर कहीं पर 217 निर्धारित ट्रेडाें में न बताया हो। पर उससे धुआं या शोर उठता है। तो उसके लिए एक हजार रुपये अतिरिक्त फीस कर लाइसेंस लेना होगा।
एक से अधिक काम पर पर अलग लाइसेंस लेने होंगे
निगम के प्रस्ताव के मुताबिक यदि किसी बिल्डिंग या एरिया में एक से अधिक ट्रेडों का काम होता है। तो लोगों को हरेक ट्रेड के लिए अलग लाइसेंस लेना होगा, जिसके लिए उन्हें अलग से फीस चुकानी होगी। ऐतराज देने की आखिरी तिथि 12 दिसंबर रखी गई है। इसके बाद निगम द्वारा आखिरी फैसला लिया जाएगा।