चंडीगढ़। कोरोना की वजह से शहर की विभिन्न संस्थाएं चंडीगढ़ प्रशासन से पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग कर रही हैं। इसी कड़ी में रोगी कल्याण समिति के सदस्य अजय जग्गा ने पत्र लिखकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से मांग की है कि वह इस बार पटाखे फोड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए ताकि प्रदूषण की वजह से शहरवासियों को कोई समस्या न हो।
जग्गा ने अपने पत्र में कहा है कि शहर में कोरोना की वजह से अब तक कई मौतें हो चुकी हैं। इसके अलावा वर्तमान में भी कोरोना की वजह से कई लोग क्वारंटीन व अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हर वर्ष दिवाली के बाद पटाखों की वजह से जो प्रदूषण होता है, उसके कारण सांस लेने संबंधी कई तरह की बीमारियां होती हैं। कोरोना काल में इस प्रदूषण का नुकसान कहीं ज्यादा है। ऐसे में बेहतर यही रहेगा कि इस बार पटाखें जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाए। उन्होंने अक्टूबर 2020 में यूके में हुए एक शोध का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग सांस लेने से संबंधित बीमारियों से ग्रसित होते हैं, कोविड उन्हें ज्यादा बुरी तरह से प्रभावित करता है। जग्गा ने कहा कि ऐसे में अगर शहरवासी पटाखा जलाते हैं तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। जग्गा ने कहा कि पटाखें प्रतिबंध करने से बहुत से लोग नाराज हो सकते हैं, लेकिन समय की मांग यही है। क्योंकि जहरीले प्रदूषण से अगर किसी की भी जान जाती है तो उसकी भरपाई करना नामुमकिन होगा।