चंडीगढ़। पीजीआई में आयुष्मान भारत योजना के तहत हुए घोटाले पर पीजीआई ठेका कर्मी संघ की जेएसी के चेयरमैन अश्वनी कुमार मुंजाल ने प्रधानमंत्री, ग्रहमंत्री और सीवीसी को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि पीजीआई प्रशासन के पास कोई उत्तर नहीं है। आयुष्मान निधि में घपलों की शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जब 7 फरवरी को जेएसी ने आरटीआई के अंतर्गत घोटाले की विजिलेंस जांच की मांग की तो अचानक 18 फरवरी को एक को पकड़ लिया गया। घोटाले को दबाने के लिए उसका त्यागपत्र स्वीकार करके उसे सुरक्षित ठिकाना दे दिया, ताकि बड़े अधिकारी भी सुरक्षित रहें। 18 फरवरी के बाद आयुष्मान, हिमकेयर निधि घोटाले से संबंधित दस्तावेजों को गायब होने दिया गया। पीजीआई प्रशासन व निदेशक ने अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं की है।