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बड़ी खबरः ट्राइसिटी के लिए उठी NCR जैसे बोर्ड की मांग

Wed, 24 Jun 2015 11:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने टाइमिंग के साथ जबरदस्तशॉट खेला है। उन्होंने राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के सामने एनसीआर की तर्ज पर ट्राइसिटी के लिए प्लानिंग बोर्ड की मांग रख दी है। गेंद राज्यपाल के पाले में है।
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विज ने राज्यपाल को इस संदर्भ में पत्र लिखा है। उनके पत्र पर अमल हुआ तो चंडीगढ़ को लेकर कई सालों से हरियाणा और पंजाब के बीच चला आ रहा विवाद निपट सकता है। हरियाणा बनने के बाद से यह पहला ऐसा मौका है, जब हरियाणा के राज्यपाल के पास पंजाब का भी अतिरिक्त प्रभार है और वे चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं।

यदि इस समय यह प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाता है तो अड़चनें भी कम आएंगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले ही श्री आनंदपुर साहिब के 350वें स्थापना दिवस समारोह में कह चुके हैं कि हरियाणा पंजाब भाई-भाई हैं। साझा मसलों का हल साझा कमेटियों से हल किया जा सकता है। विज ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है।
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राज्यपाल को लिखे पत्र में विज ने कहा है कि एनसीआर की तर्ज पर यदि चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली का एक्शन प्लान बनाया जाए नहीं तो भविष्य में प्रबंध करना मुश्किल हो जाएगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की रिपोर्ट देखने के बाद उन्होंने यह पत्र लिखा।

पत्र में कहा है कि बिना संयुक्त प्लानिंग के कुछ नहीं होगा। वैसे भी ट्राइसिटी की जनता यह नहीं मानती कि ये शहर अलग-अलग हैं। मेट्रो और पार्कों जैसे मुद्दों को लेकर इस बोर्ड के माध्यम से सहमति होनी जरूरी है।

ट्राइसिटी प्लानिंग बोर्ड का गठन होता है, तो उसके अधीन चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, खरड़, कुराली, मोरिंडा, जीरकपुर, डेराबस्सी, लालडू शामिल होंगे।

दूसरी तरफ, पंचकूला के अंतर्गत आने वाले रामगढ़, बरवाला, पिंजौर व कालका का क्षेत्र होगा। ऐसे में दोनों राज्यों का चंडीगढ़ पर दावा अपने-आप समाप्त हो जाएगा।
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