टीम ने दोबारा ट्रंकलाइज की डोज देने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद कमरे के बाहर दरवाजे पर लगाए पिंजरे में तेंदुआ शाम 6.41 मिनट पर बंद हो गया। एसएचओ श्री कीरतपुर साहिब सन्नी खन्ना ने अपनी टीम के साथ लोगों को कमरे से दूर हटाया और घर का गेट अंदर से बंद करवाया।
वाइल्ड लाइफ विभाग की डीएफओ मोनिका यादव ने बताया कि उन्हें तीन बजे इसकी जानकारी मिली थी। सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर इसे छत्तबीड़ जू ले जाया जा रहा है। तेंदुए की दायीं टांग पर चोट आई है। जहां पर उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। ठीक होने के बाद ही सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर उसे छोड़ा जाएगा।
घर में मौजूद बुजुर्ग महिला जसवंत कौर ने वाइल्ड लाइफ अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया। जसवंत कौर ने कहा कि घर में उसकी बहू कमलजीत कौर, निर्मला, रजनी और बच्चे लवप्रीत कौर व हरप्रीत कौर थे। बेटा जसविंदर सिंह गांव में किसी काम से गया था। वाहेगुरु का शुक्र है कि सभी सुरक्षित हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए आई छत्तबीड़ जू की टीम की अगुवाई डॉ. आशीष चुग कर रहे थे। टीम में साइंटिफिक आफिसर डॉ. आरती, वेटरिनरी इंस्पेक्टर राम देव, हैल्पर शौकत अली और विक्की शामिल थे।