बहिबलकलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने तत्कालीन शिअद भाजपा सरकार द्वारा गठित एसआईटी के अधिकारियों से भी पूछताछ करने का फैसला किया है। इसके तहत नई एसआईटी ने उस समय की एसआईटी में शामिल रहे तत्कालीन डायरेक्टर ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन व वर्तमान में एडीजीपी आईपीएस सहोता, तत्कालीन डीआईजी फिरोजपुर अमर सिंह चाहिल और तत्कालीन डीआईजी बठिंडा व वर्तमान में आईजी रणबीर सिंह खटड़ा को 25 फरवरी को चंडीगढ़ तलब कर लिया है।
जानकारी के अनुसार 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी का मामला सामने आने के बाद उसी दिन पंजाब सरकार की हिदायतों पर डीजीपी ने डायरेक्टर ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन आईपीएस सहोता की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था जिसमें फिरोजपुर और बठिंडा रेंज के डीआईजी भी शामिल किए गए। इस घटना के दो दिन बाद 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाएं हो गई। इसके बाद एसआईटी ने 16 अक्तूबर 2015 को फरीदकोट पहुंच कर अपनी जांच शुरू की।
एसआईटी ने अपनी प्राथमिक पड़ताल में पाया कि 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में पुलिस की फायरिंग के दौरान दो नौजवानों गांव नियामी वाला के किशन भगवान सिंह व गांव सरावां के गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों को गोली लगने की भी पुष्टि हुई थी जिसके आधार पर एसआईटी ने बहिबल गोलीकांड मामले में शिकायती पत्र देकर 21 अक्तूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया।