अकाली और कांग्रेसी दोनों ही भले ही विकास के दावे कर रहे हैं लेकिन उनके दावों की हवा पटियाला के गांव हरियाऊ खुर्द के लोगों ने निकाल दिया है।
इलाके में विकास नहीं होने की बात कहते हुए गांव के सरपंच ने समेत पूरे गांव के लोगों ने आम आदमी पार्टी को वोट डालने का फैसला किया है। इस गांव में करीब 3000 वोट हैं।
लिहाजा दोनों ही बड़ी पार्टियों के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है। खास बात यह है कि इस समर्थन का नेतृत्व भी महिलाओं की तरफ से ही किया जा रहा है।
गांव के बाशिंदों ने महिला सरपंच पलविंदर कौर के साथ जुड़कर यह आवाज उठाई है कि उनका गांव लंबे समय से कांग्रेस एवं शिअद गुटों में बंटा हुआ है।
दोनों ही पार्टियों के नेताओं पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि इनकी खींचतान के चलते गांव का विकास थम गया है। सरपंच पलविंदर कौर ने बताया कि बीते पंचायत चुनाव में शिअद और कांग्रेस के नेताओं ने मिलकर एक उम्मीदवार चुनाव में खड़ा किया था।
लेकिन चुनाव में हार के बाद गांव का विकास ही रोक दिया गया। इसके चलते ही अब गांव एवं सरपंच दोनों को ही आम आदमी पार्टी का झाडू़ उठाना पड़ा है।
गांव के पूर्व सरपंच मंगत सिंह एवं गुलाब सिंह ने इस फैसले को सही करार दिया। गांव वासियों के मुताबिक तहसील पातड़ां के अधीन आने वाले अमीर गांवों में हरियाऊ खुर्द एक है।
इस गांव के पास काफी जमीन है। लिहाजा गांव की वार्षिक आमदनी भी करीब 15 लाख रुपये हैं।