वर्ल्ड कप जीतकर लौटी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर अमनजोत कौर का मोहाली में जबरदस्त स्वागत हुआ। फेज-5 में उनके घर पर जैसे ही वह पहुंचीं, पूरा इलाका भारत माता की जय और अमनजोत जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा। परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों ने फूलों की मालाओं और तिरंगे के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सभी के चेहरों पर गर्व और खुशी झलक रही थी।
लेकिन इस जश्न के बीच अमनजोत का मन कहीं और अटका था - अपनी बीमार दादी भगवंती कौर के पास। स्वागत समारोह खत्म होते ही उन्होंने अपनी थार उठाई और सीधे उस अस्पताल की ओर निकल पड़ीं, जहां 90 वर्षीय दादी मल्टी-ऑर्गन फेल्यर के कारण भर्ती थीं। दादी को देखते ही अमनजोत की आंखें नम हो गईं। वो चुपचाप दादी के पास बैठीं, उनका हाथ थामा और रो पड़ीं। कमरे में सन्नाटा छा गया। जीत की चमक के बीच यह एक ऐसा पल था जिसने दिखाया कि एक सच्चे चैंपियन की सबसे बड़ी जीत परिवार की मुस्कान होती है। अमनजोत ने कहा कि वर्ल्ड कप जीतना सपना था लेकिन दादी को देखना सबसे बड़ा सुकून है। उनकी दुआएं ही मेरी ताकत हैं।