चंडीगढ़। शहर में लगातार हो रहे लाइव म्यूजिक कन्सर्ट और बड़े शो सुर्खियों में हैं। इन शो के दौरान टूट रहे नियमों और आयोजकों की ओर से उठाए जा रहे सवालों ने इस बार सभी का ध्यान खींचा है। अब यूटी प्रशासन ने एक इवेंट परमिशन कमेटी (ईपीसी) का गठन किया है, जो इन बड़े लाइव शो, म्यूजिक कन्सर्ट आदि के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की तरह काम करेगा और सभी तरह के परमिशन जारी किए जाएंगे।
बता दें कि सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड में सात और 14 दिसंबर को आयोजित लाइव कन्सर्ट से शहरवासियों को हुई परेशानी का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद प्रशासन को 21 दिसंबर को होने वाले पंजाबी गायक एपी ढिल्लों के शो को सेक्टर-25 में बदलना पड़ा था। इसके बाद सेक्टर-25 रैली ग्राउंड में शनिवार को होने वाले लाइव कन्सर्ट की तैयारी चल रही है।
यूटी प्रशासन ने ईपीसी के माध्यम से एक सिंगल विंडो बनाने का काम किया है ताकि शो के आयोजन को अलग-अलग विभाग में जाकर परमिशन न लेना पड़े। वर्तमान में किसी भी शो के परमिशन के लिए सबसे पहले डीसी ऑफिस में आवेदन करना होता है। उसके बाद डीसी ऑफिस की तरफ से अन्य विभागों को इसकी सूचना दी जाती है। आयोजकों को अलग से नगर निगम में आवेदन कर फायर एनओसी लेनी पड़ती है। इसके अलावा पुलिस, ट्रैफिक व सिक्योरिटी, एस्टेट समेत अन्य कुछ विभागों से भी एनओसी लेनी होती है। इसमें काफी समय लगता है और शो के आयोजकों को कई दिनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। दिलजीत के शो के आयोजकों ने भी इससंबंध में सवाल उठाए थे और एक सिंगल विंडो सिस्टम होने की बात कही थी, जिसके बाद यूटी प्रशासन ने इवेंट परमिशन कमेटी का गठन किया है।
जिस एरिया में शो, वहां के एसडीएम होंगे सदस्य सचिव
कमेटी का चेयरमैन डीसी निशांत कुमार यादव को बनाया गया है। इसके अलावा पुलिस, ट्रैफिक व सिक्योरिटी, नगर निगम, एस्टेट, फायर विभाग के उस अधिकारी को सदस्य बनाया गया है, जिनके पास एनओसी देने की पावर है। साथ ही जिस एरिया में कार्यक्रम होना है, उस एरिया के एसडीएम को सदस्य सचिव बनाया गया है। इस संबंध में गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने आदेश जारी किया है। आदेश में कहा है कि कमेटी के चेयरमैन की ओर से इन कार्यक्रमों की अनुमति देने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। सभी अनुमति समयबद्ध तरीके से और नियमों व दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दी जाएंगी। इस कदम से चंडीगढ़ में सांस्कृतिक और सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया अधिक संगठित और कुशल होने की उम्मीद है।