शहर के अभिभावकों को इन दिनों सरकारी स्कूल में अपने बच्चे के नए एडमिशन करवाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इसकी वजह है शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई नईं हिदायतें, जिसमें अभिभावक का रेजिडेंस स्कूल से तीन किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। इस कारण वीरवार को कई अभिभावकों को स्कूलों के चक्कर लगाते हुए देखे गए।
इस संबंध में अधिकतर अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में नए एडमिशन को लेकर स्कूल प्रबंधन उनसे इंतजार करने को कह रहे हैं, क्योंकि अभी पुराने बच्चों का एडमिशन किए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें रेजिडेंट्स प्रूफ देने में मुश्किल आ रही है, क्योंकि जो किराये के घर पर रहते हैं, उनसे एक एफिडेविट मांगा जा रहा है।
वीरवार को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-46 में अपने बच्चे की आठवीं कक्षा में एडमिशन करवाने आए सुशील कुमार ने बताया कि उनके बच्चे को एडमिशन मिलने में मुश्किल आ रही है, क्योंकि वे किराए के मकान में रहते हैं।
सेक्टर-7 स्थित सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आए अभिभावक अनिल शर्मा ने बताया कि उनकी बेटी की एडमिशन नए स्कूल में करवाना है, लेकिन अभी इसकी उम्मीद नहीं दिखाई देर रही है।
यह है नियम
-बच्चे के माता-पिता चंडीगढ़ के निवासी होने चाहिए
-जन्मतिथि का प्रमाण, निवास स्थान का प्रमाण और आरक्षित वर्ग का प्रमाण होना चाहिए
-दाखिले केसमय सभी वास्तविक प्रमाण पत्र दिखाने अनिवार्य हैं
-बच्चे का हाल में खींचा गया फोटो प्रवेश पत्र पर दिए गए स्थान पर चिपका होना चाहिए