पंजाब के चुनावी दंगल में हरियाणवी छोरे पर पूरी तरह से पंजाबियत का रंग चढ़ा हुआ है। मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी मंडी
निवासी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ठेठ पंजाबी में राजनीतिक विरोधियों पर जुबानी तीर छोड़ रहे हैं।
सिवानी मंडी के साथ ही सोनीपत और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जीवन का अधिकतर समय गुजारने वाले अरविंद मूलत: हिंदी भाषी ही हैं। अगर आम आदमी पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव में न उतरती तो आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने वाले केजरीवाल शायद ही पंजाबी सीखते।
अब वे पंजाबियों से रूबरू होने के लिए उन्हीं की जुबान का सहारा ले रहे हैं। वे पंजाब के अपने सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों से भी पंजाबी भाषा और बोलचाल समझते और सीखते रहे।
केजरीवाल ने कुछ गूढ़ पंजाबी शब्दों का अर्थ भी पंजाब के अपने करीबी पदाधिकारियों से जाना और विधानसभा चुनाव के प्रचार में उतरने के बाद पंजाबियों से उनकी बोली में ही संवाद किया।
कड़ी मेहनत कर सीखी पंजाबी : जयहिंद
आम आदमी पार्टी हरियाणा के संयोजक व केजरीवाल के बेहद करीबी नवीन जयहिंद बताते हैं कि अरविंद ने पंजाब विधानसभा चुनाव में पंजाबी में ही
लोगों से मुखातिब होने के लिए कड़ी मेहनत की है।