प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी के इटावा में एक रैली के दौरान भावुक होते हुए बच्चों की बात क्या छेड़ी कि सोशल मीडिया पर बच्चा शब्द ही ट्रेंड करने लगा।
देश में चुनावी मौसम में नेताओं का भी बच्चों के प्रति प्रेम उमड़ पड़ा। कुछ नेताओं व उनके समर्थकों ने ''बच्चा-बच्चा राम का मोदी जी के काम का'' और बच्चा-बच्चा मोदी कर रहा के नारे लगाए तो कुछ नेताओं की बच्चों के साथ खेलने की पुरानी तस्वीरें सामने आने लगीं। ऐसे में हरियाणा के नेता भी कहां पीछे रहने वाले थे। उनका बच्चों से प्यार तो प्रचार के पहले दिन से दिखाई पड़ रहा है।
इस चुनावी बेला में भले ही ये बच्चे मतदाता नहीं हैं, लेकिन इनका साथ नेताओं को खूब रास आता रहा है। चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, बच्चों के रूप में इमोशनल कार्ड नेताओं के बड़े-बड़े वादों व दावों से कहीं ज्यादा प्रभाव छोड़ता है। इसमें न कुछ बोलना पड़ता और न आरोप लगाना पड़ता। बिना कुछ कहे बस इसी लाड़ प्यार में नेता सब कुछ कह जाते हैं। यही कारण है कि इन नेताओं की टीम जनसभाओं व रैलियों में बच्चों को टी-शर्ट व मुखौटे बांटती नजर आती है।
नवीन जिंदल : कुरुक्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नवीन जिंदल सोमवार को एक अकादमी में पहुंचे। उन्होंने बच्चों संग फोटो शेयर कर लिखा, मेरा निशाना कभी नहीं चूकता। आज बच्चों को सही निशाना लगाने का तरीका बताया। आप भी 25 मई को सही निशाना लगाइएगा।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा : कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा रोहतक के एक पार्क में पहुंचे। वहां एक बच्चे से खूब मस्ती करते दिखे और युवा खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल भी खेला।
मनोहर लाल : पूर्व सीएम व करनाल से प्रत्याशी मनोहर लाल भी पानीपत में हुए एक रोड शो में एक बच्चे को गोद में उठाकर चंद दूरी तक लोगों का अभिवादन स्वीकार करते दिखे।
कुमारी सैलजा : सिरसा से कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा तो हर जनसभा व बैठक में बच्चों को आगे लाकर उनको कांग्रेस का पटका पहनाती व प्यार लुटाती दिखाई देती हैं।
नैना चौटाला : जजपा की हिसार से प्रत्याशी नैना चौटाला ने शाहपुरा गांव में बैठक के बाद दर्जनभर बच्चों को पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के मुखौटे बांटे और उनके साथ सेल्फी ली।