इनमें एससी, गैर एससी बीपीएल और बीसी घरेलू खपतकारों को 200 यूनिट प्रति महीना मुफ्त बिजली मुहैया कराई जा रही है। स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को प्रति महीना 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। राज्य में कृषि के लिए 14 लाख खपतकारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।
पंजाब सरकार 1 लाख 44 हजार उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली मुहैया करा रही है। तकरीबन 1,05,000 छोटे बिजली खपतकारों से प्रति यूनिट 4.99 रुपये की दर से वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा 30 हजार मध्यमवर्गीय और 9 हजार बड़े सप्लाई खपतकारों को पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से रियायती बिजली दी जा रही है।
कैप्टन ने 2017 में दे दिया था सब्सिडी छोड़ने का आवेदन
मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर रवीन ठुकराल ने बताया कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जुलाई 2017 में बिजली सब्सिडी छोड़ने के लिए आवेदन किया था। फिर उन्होंने राज्य के बड़े जमींदारों से ट्यूबवेल पर बिजली सब्सिडी छोड़ने का आह्वान किया था। इसके बाद पंजाब एकता पार्टी के प्रधान सुखपाल सिंह खैरा ने तो सब्सिडी छोड़ दी लेकिन किसी बड़े नेता ने ऐसा नहीं किया।