कोरोना के कारण वकीलों की आय में कमी।
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कोरोना के चलते वकीलों की आय में 60 प्रतिशत तक कम हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कुछ वकीलों को तो घर चलाने के लिए सब्जी तक बेचनी पड़ रही है। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन लेखराज शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने सभी वर्गों के लिए काम किया, लेकिन वकील समुदाय से मुंह मोड़ लिया है।
शर्मा ने बताया कि फिजिकल सुनवाई न होने के चलते वकीलों को बहुत अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खराब आर्थिक स्थिति का दूसरा बड़ा कारण यह है कि हाईकोर्ट ने निर्णय लिया है कि केवल बेहद अहम मामलों में ही सुनवाई होगी। इसके चलते जो लोग केस दाखिल करना चाहते हैं, उन्हें यह पता नहीं चलता है कि उनके केस की सुनवाई कब होगी यही निश्चित नहीं है तो वह केस दाखिल करने से ही गुरेज करने लगते हैं।
दूसरा बड़ा कारण यह है कि कोरोना काल में जहां केंद्र व राज्य सरकारों ने सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ किया लेकिन वकील समुदाय से दूरी बनाकर रखी। बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया भी आर्थिक सहायता के लिए कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन, सरकार ने इस ओर बिलकुल ध्यान नहीं दिया। बार काउंसिल ने जरूरतमंद वकीलों की आर्थिक मदद का निर्णय लिया था और 4 करोड़ रुपये वितरित भी किए लेकिन बार काउंसिल के पास भी आय का कोई साधन नहीं है। ऐसे में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बजट में वकीलों के लिए भी प्रावधान करना चाहिए।
नए वकील ज्यादा मुसीबत में
लेखराज शर्मा ने कहा कि नए वकीलों को इस संकट के दौर में ज्यादा मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। काम न होने और आर्थिक तंगी के कारण जो वकील किराये पर मकान लेकर शहर में रह रहे थे उन्हें शहर छोड़कर अपने घर जाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर कुछ वकीलों को अपने ऑफिस को बंद करके घर में ही अस्थायी ऑफिस बनाना पड़ा है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 1 लाख से अधिक वकील हैं और अधिकतर वकीलों को इस समय आर्थिक परेशानी के दौर से गुजरना पड़ा रहा है।