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योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका दायर करने वाले वकील की शिकायत- मेरी जान को खतरा

Tue, 30 Jun 2020 12:47 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • चंडीगढ़ पुलिस को पत्र लिखकर दी शिकायत,
  • कहा-रविवार शाम बाइक सवार दो लोग लगा रहे थे घर का चक्कर
  • जिला अदालत ने सुनवाई स्थगित की, अगली तारीख 23 जुलाई
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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जिला अदालत ने पतंजलि की ओर से कोरोना की दवाई बनाकर उसका प्रचार-प्रसार करने संबंधी याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है। उधर, याचिका दायर करने वाले वकील बिक्रमजीत सिंह ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस को पत्र लिखा है।
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बिक्रमजीत सिंह ने बताया है कि रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे सफेद रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति उनके घर के सामने चक्कर लगाते रहे और निगरानी करते रहे। उनकी बाइक की प्लेट पर नंबर भी नहीं दिखाई दे रहा था। बाद में उनके घर के दरवाजे की घंटी भी बार-बार बजाई गई।

उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद उनकी जान को खतरा है। अगली सुनवाई पर वह जिला अदालत से भी सुरक्षा की मांग कर सकते हैं। बता दें कि मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। शिकायतकर्ता और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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दरअसल, शुक्रवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत में कंज्यूमर वेलफेयर काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट बिक्रमजीत सिंह ने योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि कंपनी के खिलाफ दायर की थी। याचिका में उल्लेख किया है कि बाबा रामदेव और पतंजलि ने कोरोना की दवाई तैयार करने का दावा कर दिया और उसका प्रचार प्रसार भी कर दिया लेकिन उन्होंने न तो चिकित्सा प्राधिकरण से अनुमति ली और न ही सरकार से।

दवाई कैसे तैयार की गई, इसमें क्या-क्या प्रयोग किया गया और कब ट्रायल किया गया। ट्रायल सफल भी रहा या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि बाबा ने मिलावटी दवाई तैयार करके लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है जोकि आईपीसी की धारा 275 और 276 का खुला उल्लंघन है। इस कानून के तहत आरोपी पर छह महीने की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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