एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने गुरुवार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह के एक शॉर्प शूटर को गिरफ्तार किया। शॉर्प शूटर की पहचान फिरोजपुर (पंजाब) के सतीयेवाला निवासी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की के रूप में हुई है।
विक्की पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और यूएपीए समेत 20 मामलों में वांछित था। एजीटीएफ ने उसके कब्जे से चीन निर्मित .30 कैलिबर बोर की पिस्टल और आठ कारतूस के बरामद किए हैं। आरोपी से टोयोटा फॉर्च्यूनर कार भी मिली, जिसे एजीटीएफ ने जब्त कर लिया है। विक्की के खिलाफ स्टेट क्राइम थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एआईजी गुरमीत सिंह चौहान ने बताया कि डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ के नेतृत्व में एजीटीएफ टीमों ने आरोपी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की का पीछा कर उसे सेक्टर-91 में एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी विक्की वहां छिपकर रह रहा था। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी विक्की को पाकिस्तान में चल रही एजेंसियों से मदद मिल रही थी। आरोपी विक्की गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और साबा (यूएसए) के माध्यम से पाकिस्तान के हथियार व नशा तस्कारों के संपर्क में था और सीमा पार से हथियारों और नशे की खेप प्राप्त करता था। आरोपी को प्रतिद्वंद्वी गिरोह दविंदर बंबीहा गिरोह के सदस्यों को खत्म करने का काम भी सौंपा गया था।
श्रीगंगानगर में हुई जॉर्डन की हत्या में भी था शामिल
एआईजी के मुताबिक वर्ष 2018 में राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक जिम में गोली मारकर जॉर्डन नामक युवक की हत्या की गई थी। इस वारदात में भी आरोपी विक्की शामिल था। विक्की ने यह हत्या गैंगस्टर अंकित भादू के साथ मिलकर की थी। अंकित भादू बाद में फरवरी 2019 में पीरमुच्छल्ला में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। पीरमुछल्ला में अंकित भादू के मारे जाने के बाद आरोपी विक्रमजीत विक्की ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह में उसकी जगह ले ली और पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्यों में आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हो गया।