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Chandigarh News: 12 साल पुराने फायरिंग मामले में लॉरेंस की वीसी से पेशी

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चंडीगढ़। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की शनिवार को 12 साल पुराने फायरिंग मामले में अहमदाबाद की साबरमती जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने मार्च 2012 में लॉरेंस बिश्नोई, अमनदीप सिंह मुल्तानी, बिक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की, तरसेम सिंह और रंजोध सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 323, 452, 307 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। हालांकि, लॉरेंस के अलावा अन्य चारों आरोपी 10 साल पहले ही सबूतों के अभाव में बरी हो चुके हैं जबकि लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ केस नहीं चल सका था।
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इस मामले में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने लॉरेंस के खिलाफ तीन साल पहले अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था लेकिन चालान की कॉपी उसे न मिल पाने के चलते केस की सुनवाई नहीं हो पा रही थी। उसके पेश न हो पाने के कारण अदालत की ओर से जेल प्रशासन को प्रोडक्शन वारंट भी भेजे गए थे, जिसके बाद शनिवार को लॉरेंस की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
क्या था मामला...अंकित नाम के एक छात्र ने मार्च 2012 में सेक्टर-3 थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों ने कॉलेज में घुसकर उसके और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली उसके दोस्त चरणदेव को लगी थी। घायलों को सेक्टर-16 के अस्पताल में पहुंचाया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ता छात्र और अन्य गवाहों ने अदालत में आरोपियों को पहचानने से ही इन्कार कर दिया था। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई किसी और केस में पकड़ा गया और फिर देश की कई जेलों में कैद रहा, जिस वजह से उस पर केस नहीं चल सका था।
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