कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में पंजाब में पूरी ताकत झोंकने का फैसला किया है।
भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी जहां 25 अप्रैल को पंजाब में पांच रैलियां करेंगे वहीं, इसके बाद कांग्रेस के दिग्गज पंजाब में डेरा डालेंगे ताकि मोदी फैक्टर को न्यूट्रल किया जा सके।
कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 26-28 अप्रैल के बीच पंजाब में डेरा डालेंगे। उनका कार्यक्रम फाइनल करने के लिए पंजाब प्रभारी डॉ. शकील अहमद मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे।
उन्होंने कई नेताओं के साथ बैठक कर चुनाव प्रचार की रणनीति तय की। साथ ही उम्मीदवारों को पेश आ रही समस्याओं का भी फीडबैक लिया।
शकील ने बताया कि सोनिया गांधी 26 अप्रैल को पंजाब आएंगी। वह संगरूर, होशियारपुर व आनंदपुर साहिब हलकों में से किन्हीं दो जगह जाएंगी। इनमें एक रैली और एक रोड शो करने की संभावना है।
वहीं, राहुल गांधी 27 या 28 अप्रैल को पंजाब आएंगे, उनकी तारीख और कार्यक्रम अभी फाइनल नहीं हुई है। वह चार हलकों बठिंडा, लुधियाना, फरीदकोट और खडूर साहिब में से किन्हीं दो हलकों में जाएंगे।
जबकि, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, राहुल गांधी के कार्यक्रम के मुताबिक 28 या 27 अप्रैल को पंजाब आएंगे। वह लुधियाना व खडूर साहिब हलकों में या इनमें से एक हलके में रैली को संबोधित करेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले के तहत प्रदेश के तीनों दिग्गजों कैप्टन अमरिंदर, प्रताप बाजवा और सुनील जाखड़ के हलकों में जाने के बजाय स्टार कैंपेनर दूसरे हलकों में जाएंगे।
डॉ. मनमोहन सिंह इस बार कांग्रेस केप्रचार से पूरी तरह नदारद रहे हैं। अब पंजाब में आखिरी दौर केप्रचार में पार्टी उन्हें सामने लाएगी।
सूत्रों के अनुसार, मनमोहन सिंह का पहले अमृतसर का प्रोग्राम तय हुआ था, पर वह किन्हीं कारणों से रद्द हो गया। बड़े नेताओं की रैलियों व रोड शो को लेकर भी असमंजस है।
उम्मीदवारों का कहना है कि रैली से ज्यादा रोड शो प्रभावशाली होता है। पर समय कम होने केकारण उसकी इजाजत मिलती है या नहीं, यह तय नहीं है।