आयकर विभाग की ‘आय घोषणा योजना’ के तहत अब तक छिपी हुई आय और बेनामी संपत्ति को घोषित करने के लिए लोगों के पास सिर्फ सात दिन शेष हैं। इसके बाद अगर किसी के पास अगर कोई ऐसी आय मिलती है तो इसे कालाधन माना जाएगा। साथ ही आयकर नियमों के तहत उसे सीज भी किया जा सकता है और अधिक मात्रा में राशि मिलने पर उस व्यक्ति को जेल भी हो सकती है।
ये जानकारी आयकर भवन सेक्टर-17 में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त राजेंद्र कुमार ने पत्रकारों से वार्ता में दी। वह आय घोषणा योजना को लेकर शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि विभाग में ऐसी स्कीम करीब 20 साल पहले 1997 में आई थी। इतने देर बाद आई यह स्कीम लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। हालांकि इसमें ऐसे ही लोगों का फायदा है जिनके पास करोड़ों की अघोषित आय (कालाधन) है। राजेंद्र कुमार ने इस योजना को ट्राइसिटी समेत नार्थ वेस्ट रीजन में अच्छा रिस्पांस मिलने का दावा किया।
अघोषित आय घोषित करने का आखिरी मौका
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- फोटो : income tax
राजेंद्र कुमार ने उम्मीद जताई कि आने वाले सात दिनों में योजना में तेजी आएगी और लोग इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। ट्राइसिटी में अब तक कितने लोगों के कालाधन की जानकारी देने के बारे में राजेंद्र कुमार ने इसकी जानकारी देने से इंकार कर दिया और इसके गुप्त होने की बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना को पंजाब और हरियाणा से अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
वहीं डीजी इनवेस्टिगेशन मधु महाजन ने बताया कि इन दिनों ट्राइसिटी में चल रहे सर्वे और सर्च में कई जगह टैक्स चोरी के मामले सामने आए हैं। पंचकूला, चंडीगढ़ में कुछ जगह करोड़ों की ऐसी इनकम पकड़ी गई है जिसकी जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी गई थी। कुछ ने ऐसी आय सरेंडर कर दी है तो कुछ को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास लंबी लिस्ट है और आगे भी सर्वे और सर्च जारी रहेंगी। इस मौके पर चीफ कमिशनर अमृतसर अजय सिंह, चीफ कमिशनर पंचकूला सुनीता पुरी, मुख्य कमिशनर-2 एसडी झा, डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स (इंटेलिजेंस और क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन) चंडीगढ़ जीके ढल्ल भी मौजूद रहे।