हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपने एक साल के कार्यकाल का लेखाजोखा सार्वजनिक करने से पूर्व कांग्र्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुड़गांव के सेक्टर 83 में डीएलएफ को जमीन बेचने के मामले में राज्य सरकार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वाड्रा ने डीएलएफ को कामर्शियल जमीन बेची थी। वाड्रा के अलावा विभाग ने और भी कई कंपनियों को इसी तरह का नोटिस भेजा है।
आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से मैसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटलिटी को भेजे गए नोटिस में जमीन की सौदेबाजी को लेकर सवाल किए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि स्काई लाइट कंपनी को साल 2008 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से गुड़गांव में व्यावसायिक परियोजना के लिए लाइसेंस जारी किया गया था। बाद में इस जमीन और लाइसेंस को डीएलएफ कंपनी को करीब 58 करोड़ रुपये में बेच दिया गया।
विभाग के मुताबिक, जमीन की खरीद-फरोख्त का यह मामला हरियाणा वैट एक्ट के तहत गुड्स की श्रेणी में आता है। लिहाजा ऐसे सौदे पर टैक्स दिया जाना आवश्यक है।
विभाग ने नोटिस के जरिये पूछा है कि उनकी कंपनी ने यह टैक्स जमा कराया है या नहीं? डीएलएफ को जमीन कितने रुपये में बेची गई और लाइसेंस कितने में बेचा गया? मामले में अन्य किसी तरह का लेन-देन हुआ है, तो उसकी जानकारी भी मांगी गई है।