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'लाल' फैमिली के सामने 11 उत्तराधिकारी

Tue, 30 Sep 2014 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रदेश की राजनीति से लालों का दौर तो खत्म हो गए लेकिन उनके उत्तराधिकारी सियासत की विरासत कायम रखने के लिए चुनाव अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं। इस चुनाव में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और सियासत की धुरी माने जाने वाले वंशीलाल, देवीलाल और भजनलाल परिवार के ग्यारह उत्तराधिकारी प्रदेश की विभिन्न सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं।
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रणजीत सिंह चौटाला: पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पुत्र रणजीत सिंह चौटाला इस बार कांग्रेस के टिकट पर रानियां हलके से उम्मीदवार हैं। रणजीत को टिकट दिलाने में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अहम भूमिका रही है। इस सीट पर मुकाबला दिचलस्प होने के आसार हैं। 2009 में इस सीट से इनेलो के कृष्णलाल ने जीत हासिल की थी।

चौटाला परिवार के 3 चेहरे

अभय सिंह चौटाला: अभय सिंह चौटाला वर्तमान में ऐलनाबाद से विधायक हैं। बीते विधानसभा चुनाव में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने ऐलनाबाद और उंचाना दोनाें सीटों से जीत हासिल की थी। बाद में चौटाला ने ऐलनाबाद सीट छोड़ दिया था। उपचुनाव में अभय चौटाला ने यहां से जीत दर्ज की। वे इस बार भी ऐलनाबाद सीट से मैदान में हैं।

दुष्यंत चौटाला : राजनीति मैदान में उतरते ही लोकसभा चुनाव में हिसार सीट से हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई जैसे दिग्गज नेता को चित करने वाले सांसद दुष्यंत चौटाला एक बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। ताऊ देवीलाल की चौथी पीढ़ी के तौर पर हिसार से सांसद दुष्यंत उचाना कलां से चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी और भाजपा प्रत्याशी प्रेमलता को चुनौती देंगे।

नैना चौटाला : देवीलाल परिवार की पहली महिला नैना चौटाला इस चुनाव मैदान में उतरी है। वे डबवाली से सीट से चुनाव लड़ रही है। इस सीट से वर्तमान में अजय सिंह चौटाला विधायक हैं। बीते विधानसभा चुनाव में अजय सिंह चौटाला ने इस सीट से 64868 मत प्राप्त कर जीत हासिल की थी।

बिश्नोई परिवार के 3 उम्मीदवार

कुलदीप बिश्नोई: पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के परिवार से मुख्यमंत्री पद के दावेदार कुलदीप बिश्नोई आदमपुर हलके से मैदान में हैं। कुलदीप को पिछले चुनाव में आदमपुर से 48224 मत  प्राप्प्त हुए थे, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी जय ने 42209 मत प्राप्प्त कर दूसरे नंबर पर थे। लोकसभा चुनाव में शिकस्त खाए कुलदीप इस सीट से जीत हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं।

चंद्रमोहन: कुलदीप बिश्नोई के भाई चंद्रमोहन इस बार नलवा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। नलवा से इस समय कांग्रेस के संपत सिंह विधायक हैं। चंद्रमोहन का पंचकूला सीट छोड़ कर दूसरे विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का दांव कितना सटीक बैठता है, यह तो19 अक्तूबर को ही पता चलेगा।

रेणुका बिश्नोई: पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल की पुत्रवधू और कुलदीप बिश्नोई की पत्नी रेणुका बिश्नोई हांसी से चुनाव मैदान में हैं। रेणुका अपने चुनाव के साथ ही पति के चुनाव प्रचार में भी सहयोग कर रही हैं। हंासी सीट पिछली बार हजकां के खाते में गई थी। यहां से विनोद भ्याना जीते थे।
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किरण चौधरी मैदान में

किरण चौधरी: बंसीलाल परिवार की पुत्रवधू और सुरेंद्र सिंह की पत्नी किरण चौधरी तोशाम से चुनाव मैदान में हैं। उनकी पुत्री श्रुति भिवानी से सांसद थी। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में श्रुति को भाजपा के धरमवीर से हार का सामना करना पड़ा था।

रणबीर महेंद्रा: पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के पुत्र रणबीर महेंद्रा बाढड़ा से कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं। बीतेे चुनाव में यह सीट इनेलो के खाते में थी। यहां से इनेलो के रघुबीर सिंह ने जीत हासिल की थी। रणबीर महेंद्रा यहां से बहुत कम मतों से हारे थे।

सोमवीर: बंसीलाल परिवार के दामाद सोमवीर लोहारू से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। उनके मुकाबले भाजपा ने जेपी दलाल और इनेलो ने ओम प्रकाश गौरा को मैदान में उतारा है। बीते विधानसभा चुनाव में इनेलो के धर्मपाल ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।

डा. सुमित्रा: लोहारू से मुकाबला इसीलिए रोचक है, क्योंकि यहां से बसपा के टिकट पर बंसीलाल की बेटी डॉ. सुमित्रा मैदान में हैं और सोमवीर उनके जीजा हैं। सोमवीर इसी सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। अब देखना यह है कि जीजा और साली में से जनता किसे विधानसभा पहुंचाती है।
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