पंजाब पुलिस के मोहाली स्थित खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले के साजिशकर्ता आतंकी लखवीर सिंह लंडा को मोहाली अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है। साथ ही मामले की अगली सुनवाई पर 24 जनवरी को उसे अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। नौ मई 2022 को मोहाली के सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमला हुआ था। इस हमले में किसी भी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ था, हालांकि मुख्यालय की इमारत को नुकसान पहुंचा था।
इसके बाद जांच में सामने आया कि पाकिस्तान से हमले की साजिश रची गई थी। साथ ही कनाडा व यूरोप में बैठे आतंकियों ने इस वारदात को अपने लोकल नेटवर्क से अंजाम दिया था। इसके लिए सीमा पार से आरपीजी भेजा गया था। हमले के आरोपियों को साढ़े नौ लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई थी। इस मामले में पुलिस ने करीब 12 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है। मामले में मुख्य चालान पेश किया जा चुका है। साथ ही आने वाले समय में पूरक चालान पेश करने की तैयारी है।
लंडा इन मामलों में भी रहा है शामिल
लंडा तरनतारन के पास स्थित हरिके गांव गांव का रहने वाला है। वह कुछ समय पहले विदेश भाग गया था। वह अब आईएसआई के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था। पुलिस मुख्यालय पर हमले के अलावा वह तरनतारन में कपड़ा व्यापारी की हत्या में शामिल था। इसके अलावा शिवसेना नेता सुधीर सूरी और तरनतारन में आरपीजी हमले में भी उसकी भूमिका सामने आई है। उसके नेटवर्क ने ही इन वारदात को अंजाम दिया था।