रेनबो इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर- 27 की एक शिक्षिका ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के समय उनको मानसिक रूप से परेशान किया गया। मजबूरी में उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने स्कूल को कानूनी नोटिस भेजकर 30 दिन के अंदर सभी प्रकार के भुगतान करने को कहा है। टीचर नीरू मलिक ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग व पुलिस से की है।
उन्होंने कहा कि वह स्कूल में आठ साल से काम कर रही थीं। उन पर कोर्डिनेटर की जिम्मेदारी थी। लॉकडाउन के दौरान उनसे धीरे-धीरे काम वापस लेना शुरू कर दिया गया। कई शर्तें भी लगा दी गईं। कहा गया कि तीन से चार माह का वेतन बचाने के लिए स्कूल ने ऐसा किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार स्कूल प्रशासन को फोन किया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
आखिरी में उन्हें नौकरी छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि पूरे स्कूल स्टाफ को बुलाया गया लेकिन उन्हें आने को मना कर दिया। कह दिया गया कि जब स्कूल आएं तो कॉल करके आएं। उन्होंने शिक्षा विभाग व डीजीपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
आरोप बेबुनियाद हैं। हमें बदनाम करने की कोशिश की गई है। मेरी उनसे कोई बात भी नहीं हुई है। कानूनी नोटिस आया तब हमें प्रकरण पता चला है। नीरु मलिक को निकाला नहीं गया है। वह काम कर सकती हैं। -लखविंदर सिंह, स्कूल डायरेक्टर